अमेठी सिटी। जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में लगे हैंडपंप के रखरखाव का पूरा हिसाब ग्राम पंचायत में रखना होगा। इसके लिए नल का विवरण दर्ज करने के लिए ग्राम पंचायत के पास एक अलग रजिस्टर होगा। गांवों में हैंडपंप सही हैं या उसमें कोई तकनीकी दिक्कत है, इसकी पूरी जानकारी देनी होगी। पंचायत सहायक के माध्यम से नल की स्थापना से लेकर उसके वर्तमान रखरखाव तक की सूचना भी दर्ज करनी होगी। पंचायतीराज विभाग के अनुसार जिले में कुल इंडिया मार्क टू हैंडपंप की संख्या 56,010 है। ग्रामीण क्षेत्रों में पानी की आवश्यकता पूर्ति के लिए लगाए गए नल गर्मी के दिनों में बड़ी आबादी के लिए वरदान बने हैं। जिला पूर्ति अधिकारी ने ग्राम पंचायतों में तैनात पंचायत सहायकों को काम में लगाया है।
कहा गया है कि सचिव के माध्यम से अलग से रजिस्टर पंचायत सहायक को देना होगा। ग्राम पंचायत के सभी नल व उसका ब्यौरा लिखा जाए। नल के खराब होने, रिपेयरिंग करने के साथ उसमें प्रयोग किए गए नए सामान व पुराने कबाड़ का हिसाब देना होगा।
डीपीआरओ ने बताया कि गांव में विजिट के दौरान रजिस्टर की जांच की जाएगी। साथ ही पुराने कबाड़ को एकत्र कर उसे एक साथ बिक्री की जाएगी। जिससे ग्राम पंचायत की आय में वृद्धि हो सके। संवाद