. कलेक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन करते अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता। स्रोत: स्थानीय
अमेठी सिटी। निजी विद्यालयों की बढ़ती फीस, महंगी किताबों और शैक्षिक अनियमितताओं के खिलाफ शुक्रवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद कार्यकर्ताओं का गुस्सा सड़कों पर दिखा। संगठन की जिला इकाई ने प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन डीएम संजय चौहान को सौंपा।
इसमें अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि कई निजी विद्यालय शिक्षा को सेवा के बजाय कारोबार बना चुके हैं। अभिभावकों पर तय दुकानों से किताबें, कॉपी और ड्रेस खरीदने का दबाव बनाया जा रहा है। इससे उन्हें परेशानी हो रही है।
संगठन ने कहा कि एनसीईआरटी की जगह निजी प्रकाशनों की महंगी किताबें चलाकर अभिभावकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाला जा रहा है।
आरटीई के तहत गरीब बच्चों के प्रवेश में अनियमितता और सहायता प्राप्त विद्यालयों में अवैध फीस वसूली का मुद्दा भी उठाया गया।
इस दौरान अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के प्रांत सह मंत्री युवराज ने कहा कि शिक्षा व्यापार नहीं, समाज सेवा का माध्यम है। विरोध प्रदर्शन के दौरान हर्षित, अभिनव, आदित्य, सुबोध, रुपेश और आदर्श समेत कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।