अमेठी सिटी। मुकदमे में सुलह से इन्कार पर किए गए हमले में जख्मी युवक देवेंद्र प्रसाद त्रिपाठी (38) की इलाज के दाैरान लखनऊ में माैत हो गई। परिजनों की तहरीर पर पांच नामजद लोगों के खिलाफ हत्या की एफआईआर दर्ज की गई है।
पूरे रामदयाल तिवारी मजरे मऊ निवासी देवेंद्र के भाई दुर्गा प्रसाद त्रिपाठी के अनुसार देवेंद्र चार दिन पहले शुक्रवार को दीवानी न्यायालय सुल्तानपुर में लंबित मुकदमे की तारीख पर गए थे। लौटते समय गौरीगंज पहुंचने पर मुकदमे के विपक्षी विवेक तिवारी उर्फ गोलू ने सुलह करने का दबाव बनाया। इन्कार पर जान से मारने की धमकी दी गई। इस बात की जानकारी देवेंद्र ने फोन पर परिजनों को दी थी।
शाम को देवेंद्र प्रसाद पूरे इदई मिश्र मऊ गांव निवासी मनोज कुमार मिश्र के साथ बाइक से सवरिहा की ओर जा रहे थे। गांव के बाहर नहर पटरी के पास पहले से मौजूद विवेक तिवारी उर्फ गोलू, मुकेश तिवारी उर्फ बीरू, दिनेश तिवारी और जितेंद्र तिवारी ने रास्ता रोककर लाठी-डंडों से हमला कर दिया। शोर सुनकर आसपास के खेतों से लोग दौड़े तो आरोपी धमकी देते हुए मौके से भाग निकले।
राहगीरों की मदद से घायल देवेंद्र को जिला अस्पताल गौरीगंज पहुंचाया गया। चिकित्सकों ने हालत गंभीर देखते हुए रेफर कर दिया। देवेंद्र को लखनऊ के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां सिर और शरीर में गंभीर चोट के कारण वह कोमा में चले गए। सोमवार शाम उपचार के दौरान लखनऊ में उनकी मौत हो गई। पोस्टमार्टम मेडिकल कॉलेज लखनऊ में कराया गया। इंस्पेक्टर श्याम नारायण पांडेय ने बताया कि पांचों आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है।
एहतियातन तैनात रही पुलिस
मौत की सूचना के बाद किसी तरह की अव्यवस्था न हो, इस वजह से गांव में पुलिस बल तैनात किया गया। एफआईआर दर्ज होने के बाद परिजनों ने गांव स्थित बाग में शव का अंतिम संस्कार किया।
पत्नी और बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल
देवेंद्र की मौत के बाद पत्नी निर्मला, बेटी प्रीति और बेटा राज गहरे सदमे में हैं। परिजन और ग्रामीण शोक संतप्त परिवार को सांत्वना देने में जुटे रहे।