संग्रामपुर के रामघाट स्थित मालती नदी में दुर्गा प्रतिमा विर्सजित करने जाते श्रद्धालु। संवाद
अमेठी सिटी। शारदीय नवरात्र संपन्न होने के साथ ही दुर्गा पूजा पंडालों में स्थापित प्रतिमाओं के विसर्जन का दौर शुरू हो गया है। बृहस्पतिवार व शुक्रवार को मालती और गोमती नदी के घाटों पर प्रतिमाओं का विसर्जन करने के लिए श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। इस दौरान श्रद्धालुओं ने मातारानी के जयकारे लगाए।
गौरीगंज मुख्यालय की प्रतिमाओं को लोदीबाबा के साथ ही गोमती नदी के तट पर विसर्जन के लिए ले जाया गया। बाजारशुकुल की मां दुर्गा की प्रतिमाएं शुक्रवार को विसर्जन के लिए गोमती नदी के रीछ घाट ले जाई गईं। जगदीशपुर की प्रतिमाओं को गोमती नदी के सित्थन घाट, आमघाट और रेतघाट विसर्जन के लिए ले जाया गया। संग्रामपुर में बृहस्पतिवार को क्षेत्र के मालती नदी के छह घाटों पर लगभग 40 दुर्गा प्रतिमाओं का विधिविधान से विसर्जन किया गया।
रामघाट ठेंगहा, कुड़वा, गोरखापुर, इटौरी और बुद्धू घाट भुवालापुर पर सुसज्जित प्रतिमाएं श्रद्धालुओं के जयकारों के बीच नदी में प्रवाहित की गईं। ठेंगहा रामघाट में आसपास के गांवों की 25 प्रतिमाओं का विसर्जन हुआ। अमेठी के महराजपुर स्थित मालती नदी के दशरथ घाट पर सात अक्तूबर को प्रतिमा विसर्जन समारोह का आयोजन किया जाएगा। कुछ स्थानों की प्रतिमाएं शुक्रवार को विसर्जित की गईं।
सिंहपुर के रामपुर पंवारा, शिवरतनगंज, सेमरौता, अहोरवा भवानी, बसंतपुर, इंहौना, अकबरपुर फर्शी, पूरे सूबेदार से बृहस्पतिवार व शुक्रवार को दुर्गा प्रतिमाओं के विसर्जन के लिए भक्त गाजे-बाजे के साथ बाराबंकी जनपद के हैदरगढ़ स्थित बाबा औसानेश्वर घाट के लिए रवाना हुए।