रुदौली गांव में चल रही श्रीमद्भागवत कथा सुनते श्रद्धालु। स्रोत: आयोजक
जामों। लोरिकपुर गांव के पूरे धाराधरी में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के अंतिम दिन शनिवार को प्रवाचक सनत कुमार पांडेय ने श्रद्धालुओं को अच्छे विचार और कर्म अपनाने की सीख दी। कहा कि मनुष्य के विचार ही उसके आचरण और भविष्य की दिशा तय करते हैं। विचार शुद्ध होंगे तो व्यवहार में विनम्रता आएगी और कर्म भी अच्छे होंगे।
प्रवाचक ने कहा कि सत्य के मार्ग पर चलकर ही व्यक्ति परिवार में सुख-शांति और समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकता है। हर व्यक्ति को अपने स्वार्थ से ऊपर उठकर दूसरों के हित के बारे में सोचना चाहिए। जरूरतमंदों की मदद करना, बड़ों का सम्मान करना और परिवार के प्रति जिम्मेदारी निभाना भी धर्म का हिस्सा है। मनुष्य के कर्मों से उसकी पहचान होती है।
उन्होंने कहा कि भगवान का स्मरण मनुष्य को आत्मचिंतन का अवसर देता है। इससे वह अपनी गलतियों को पहचान कर उनमें सुधार कर सकता है। इस मौके पर मुख्य यजमान जोगेश्वर प्रसाद द्विवेदी, विमला देवी, गिरिजाशंकर, मथुरा प्रसाद, प्रदीप कुमार, सुनील कुमार और अनिल कुमार आदि मौजूद रहे।