अमेठी सिटी। दिन और रात के तापमान में उतार-चढ़ाव का असर सबसे ज्यादा बच्चों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है। ऐसे में थोड़ी सी लापरवाही होने पर बच्चे बीमार हो रहे हैं। बालरोग विशेषज्ञ की ओपीडी में खांसी, जुकाम और वायरल बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ रही है।
सोमवार को जिला अस्पताल में परचा, दवा काउंटर, ओपीडी, पैथोलॉजी में मरीजों की कतार दिखी। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. लईक उज जमा की ओपीडी के बाहर तीमारदार अपने बच्चों के साथ जमीन पर बैठकर अपनी बारी का इंतजार करते दिखे। दोपहर 12:00 बजे ओपीडी में मिलीं राधीपुर निवासी शिव देवी ने बताया कि उनके बेटी अन्नू को तीन दिन से बुखार है। वह सुबह 10 बजे आ गई थी। एक घंटे परचा बनवाने में लगा। चिकित्सक के पास दो घंटे से परचा जमा है, अभी नंबर नहीं आया। रीता देवी ने बताया कि उनके तीन वर्षीय बेटे प्रवीण को दिक्कत होने पर सीटी स्कैन कराया गया। रिपोर्ट चिकित्सक को दिखानी है। दो घंटे से परचा जमा है, लेकिन अभी नंबर नहीं आया।
बच्चा पेट दर्द से परेशान : विशेषरगंज निवासी पूनम ने बताया कि सर्दी लगने के कारण बच्चे को जुकाम, बुखार संग पेट में दर्द है। संगीता देवी ने बताया कि उनका बेटा आयुष 10 माह का है। जबसे ठंड बढी है, सोते समय यूरिन ज्यादा करता है। समय पर डायपर नहीं बदलने के कारण सर्दी लग गई है। परचा जमा किया है। इसी तरह विमला देवी, अनीता व शालिनी ने बताया कि उनके बच्चे बुखार से पीड़ित है।