अमेठी। कोरोना पीड़ितों को आइसोलेट करने के लिए जिले में 60 और आइसोलेशन वार्ड बनाए जाएंगे। तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा सके इसके लिए सीएचसी अमेठी व सीएचसी तिलोई के 30-30 कक्ष को आइसोलेशन वार्ड के रूप में आरक्षित कर दिया गया है। अब इन अस्पतालों में सामान्य मरीजों का उपचार नहीं होगा।
नौकरी या सैर करके विदेश से जिले में आए 61 लोगों के अलावा बड़ी संख्या में ऐसे लोग गांवों में पहुंचे हैं जो मुंबई, दिल्ली, गुजरात में रहते थे। कोरोना के डर से अपने घर पहुंचे इन लोगों की वजह से जिले में संक्रमण की संभावना को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने उपचार से जुड़ी तैयारियों को विस्तार देना शुरू कर दिया है।
जिले के नव निर्मित जिला अस्पताल में पहले से बनाए गए 14 आइसोलेशन वार्ड के बाद अब 60 और वार्ड बनाए जा रहे हैं। कक्ष को आरक्षित कर उन्हें आइसोलेशन वार्ड में तब्दील किया जा सके इसके लिए सीएमओ डॉ. आरएम श्रीवास्तव ने अमेठी व तिलोई स्थित सीएचसी में सामान्य मरीजों की ओपीडी पर रोक लगा दी है।
इन अस्पतालों के सभी 30-30 कक्ष को आइसोलेशन वार्ड में तब्दील कर कोरोना संक्रमण होने की स्थिति में मरीजों को आइसोलेट किया जा सकेगा।
निर्णय लेने के बाद सीएमओ ने दोनों अस्पताल अधीक्षक को पत्र भेजकर सभी कक्ष को आइसोलेशन वार्ड में तब्दील करने, उपचार के लिए चिकित्सकों व कर्मियों की ड्यूटी लगाने, औषधि समेत सभी जरूरी सामान केंद्रीय औषधि भंडार से ले जाने को कहा है।
जिला अस्प्ताल के बाद दो सीएचसी में कोरोना से बचाव की चल रही तैयारियों पर अनुश्रवण के लिए सीएमओ ने तीन नोडल अफसर नामित किया है। अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. राम प्रसाद (9412048531) को गौरीगंज, उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आरपी गिरि (9792077779) को तिलोई तथा उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. चैतन्य स्वरूप अग्रवाल को अमेठी का नोडल नामित किया गया है।