अमेठी सिटी। श्रम विभाग की ओर से श्रमिकों की न्यूनतम मजदूरी 459 रुपये तक बढ़ा दी है। इसका लाभ जिले के करीब 50 हजार श्रमिकों को लाभ मिलेगा। अकुशल, कुशल व अर्धकुशल श्रमिकों के लिए अलग-अलग रेट तय किए गए हैं। ज्यादातर श्रमिक विभिन्न प्रकार के कारखानों में कार्य करते हैं। जबकि, ईंट भट्टा श्रमिकों की मजदूरी में भी वृद्धि की गई है। जानकारी के मुताबिक, 16 मई से इसके लागू किया गया है।
न्यूनतम मजदूरी अधिनियम 1948 के तहत 74 अनुसूचित नियोजनों में बढ़ी हुई मजदूरी का भुगतान किया जाएगा। मजदूरी राशि में महंगाई भत्ता भी शामिल है। अकुशल श्रमिकों की मजदूरी 373 रुपये, अर्धकुशल के लिए 410 व कुशल श्रमिकों के लिए 459 रुपये प्रति माह बढ़ाई गई है।
सहायक श्रम आयुक्त गोविंद यादव ने बताया कि न्यूनतम मजदूरी का भुगतान 74 प्रकार के कार्यों के लिए नियोजक करेंगे। ईंट भट्टे पर कार्यरत श्रमिकों में कुशल व अकुशल के लिए अन्य 74 प्रकार की तरह से मजदूरी का भुगतान किया जाएगा।
ईंट भट्टे पर अर्धकुशल श्रमिकों में पथेरा के लिए 676 रुपये, भराई वाला के लिए 204 व निकासी वाला के लिए 204 रुपये तय किया गया है। अधिक जानकारी के लिए श्रमिक अपने नियोजकों से संपर्क कर सकते हैं। किसी भी प्रकार की विवाद की स्थिति में श्रमिक श्रम कार्यालय में शिकायत कर सकते हैं।
श्रमिकों की बढ़ाई गई मजदूरी
मजदूरी श्रेणी - पुरानी - नई मजदूरी - बढ़ी मजदूरी
अकुशल - 10275 - 10648 - 373
अर्धकुशल - 11303 - 11713 - 410
कुशल - 12661 - 13120 - 459
इन प्रमुख उद्योगों में मिलेगा लाभ
रबर विनिर्माणशाला टायर, ट्यूब, प्लास्टिक उद्योग, फलों के रस का उद्योग, प्लाईवुड, पेट्रोल-डीजल आयल पंप, दूध डेयरी, रेडीमेड कपड़ा उद्योग, बांध निर्माण, सिंचाई परियोजना, कुआं व तालाब की खोदाई, निजी अस्पताल, नर्सिंग होम, निजी क्लीनिक, प्राइवेट डॉक्टरी सामान की दुकान, ढलाई घर, धातु उद्योग, टिन प्लेट शॉपिंग, ऐसे अभियांत्रिकी उद्योग जहां 50 से कम लोग कार्यरत हों।
इसका चर्म शोधन व विनिर्माणशाला, होजरी कार्य, निजी पुस्तकालय, लकड़ी व फर्नीचर उद्योग, प्राइवेट स्कूल, कोचिंग, नर्सरी स्कूल, तंबाकू निर्माण, धर्मशाला, वानिकी में वन उपज व लट्ठा बनाने का कार्य, वाणिज्य दुकानों में, चावल, आटा, दाल मिल, तेल मिल, परिवहन कार्यशाला, आटोमोबाइल रिपेयरिंग कार्य, सड़क निर्माण, पत्थर तोड़ने या कूटने का कार्य, दियासलाई उद्योग, आइसक्रीम फैक्ट्री, बेकरी व बर्फ निर्माण, सीमेंट कारखाना, कोल्ड स्टोरेज, प्रिंटिंग प्रेस, सिनेमा, सिलाई, एलोपैथिक, आयुर्वेदिक, युनानी फार्मेसी, क्लब, हथकरघा, साबुन निर्माण, ऊनी कंबल, बल्ब व कांच उद्योग, कागज उद्योग, ताला, पीतल बर्तन, निजी क्षेत्र में सुरक्षा व सफाई कर्मी, घरेलू श्रमिक, एलपीजी वितरक, केबल आपरेटर, एनजीओ, हेयर कटिंग सैलून, ब्यूटी पार्लर, काल सेंटर आदि प्रमुख हैं।