अमेठी। स्थानीय तहसील क्षेत्र के थाना व गांव संग्रामपुर में ग्राम पंचायत की ओर से लगवाए गए 274 मीटर खड़ंजा मार्ग हाईकोर्ट के आदेश पर अफसरों की मौजूदगी में जेसीबी से उखाड़ दिया गया। ग्रामीणों के विरोध को देखते हुए एसडीएम व सीओ पीएसी तथा कई थानों की पुलिस फोर्स मौजूद रही। इधर, रास्ता उखाडे़ जाने से ग्रामीणों में रोष है। तहसील क्षेत्र की ग्राम पंचायत संग्रामपुर में खाते की भूमि गाटा संख्या 629, 630, 635, 636 (बाग) में करीब 50 से अधिक खातेदार हैं। वर्ष 2018-19 में तत्कालीन ग्राम प्रधान वंदना सिंह ने 2.76 लाख की लागत से उक्त खाते की भूमि पर 274 मीटर (820 वर्ग मीटर क्षेत्रफल भूमि) में खड़ंजा निर्माण कराया गया था।
इस मार्ग से पुरवा खुटहना व पूरे कुंजल के लोग आवागमन करते थे। उस समय कई खातेदारों ने ब्लॉक से लेकर जिला स्तरीय अफसरों से शिकायत की लेकिन सुनवाई नहीं हुई और खड़ंजा लगा दिया गया। कहीं सुनवाई नहीं होने से परेशानी हिस्सेदार संग्रामपुर के गांव नारायणपुर निवासी जगदीश सिंह ने उनकी भूमि पर लगाए गए खड़ंजा मार्ग का मुआवजा दिलाने के लिए हाई कोर्ट में वाद दायर कर दिया।
उच्च न्यायालय ने सुनवाई करते हुए जिला प्रशासन को मुआवजा देने के लिए जवाब तलब कर जवाब मांग लिया। न्यायालय का आदेश मिलने के बाद डीएम राकेश कुमार मिश्र ने एसडीएम व डीपीआरओ को पूरे प्रकरण का निस्तारण कराने का निर्देश दिए।
शुक्रवार को टीम मौके पर पहुंची तो दो पुरवों के लोग आकर हंगामा करने लगे। काफी जद्दोजहद के बाद अफसरों की टीम ने गांव के रामसुख यादव, पवन वर्मा, राम सिंह, राधेश्याम सिंह, अजीत सिंह, लाल बहादुर सिंह आदि से वार्ता की लेकिन वह विफल रही। राजस्व टीम ने पैमाइश कार्य पूरा कर लिया।
डीएम के आदेश पर शनिवार को एसडीएम प्रीति तिवारी, सीओ लल्लन सिंह, डीपीआरओ श्रीकांत यादव पीएसी व कई थानों की पुलिस फोर्स के साथ जेसीबी लेकर मौके पर पहुंच गए। टीम के पहुंचने पर ग्रामीणों एक बार फिर खड़ंजा उखाड़ने का विरोध शुरू किया लेकिन फोर्स की मौजूदगी के चलते वे पीछे चले गए और खाते की भूमि पर लगा 274 मीटर खड़ंजा जेसीबी की मदद से उखाड़ दिया।
दो पुरवों के करीब 80 घरों का रास्ता बंद
ग्रामीणों के अनुसार ग्राम पंचायत संग्रामपुर के पुरवा खुटहना व पूरे कुंजल को जाने के लिए उक्त खडंजा ही एकमात्र आवागमन का साधन है। दो पुरवों की आबादी के आवागमन के साथ उक्त मार्ग पर एक जूनियर हाई स्कूल और धमसा माई का मंदिर पड़ता है। स्थानीय लोगों के साथ ही श्रद्धालु व स्कूली बच्चे आवागमन करते हैं। खुटहना गांव को जोड़ने के लिए अभी 50 मीटर शेष था। रास्ता उखाड़ने के बाद ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त है।
प्रधान को जारी हुई रिकवरी नोटिस
डीपीआरओ श्रीकांत यादव ने तत्कालीन ग्राम प्रधान वंदना सिंह को नियम विरुद्ध खाते की भूमि पर खडंजा लगवाकर शासकीय राशि का दुरुपयोग करने की नोटिस जारी की है। नोटिस में 2.76 लाख रुपये की रिकवरी करने की बात कही गई है। कहा कि जवाब मिलने के बाद नियमानुसार रिकवरी की कार्रवाई की जाएगी। वहीं उखाड़े गए खड़ंजे से निकली ईंट को एडीओ पंचायत हरिशंकर सिंह व पंचायत सचिव के सुपुर्द किया गया है।
20 वर्ष पूर्व कराया था निर्माण
ग्राम प्रधान इंद्रभान सिंह (तत्कालीन प्रधान वंदना सिंह के पति) ने बताया कि 20 वर्ष पूर्व खड़ंजे का निर्माण करवाया गया था। खड़ंजा खराब हो गया था तो वर्ष 2018-19 में 274 मीटर खड़ंजा की मरम्मत कराई गई थी। बताया कि उक्त भूमि में वे और उनके परिवार के लोग भी खातेदार हैं। जब खड़ंजा लगाया गया था तब विरोध नहीं हुआ था। उनके द्वारा खड़ंजा की भूमि के बदले खाते की भूमि भी बैनामा करने की पहल की गई थी।
न्यायालय के आदेश पर हुई कार्रवाई
उच्च न्यायालय के आदेश पर कार्रवाई की गई है। खाते की भूमि पर सरकारी राशि से रास्ते का निर्माण कराना नियम विरुद्ध है। शनिवार को की गई कार्रवाई नियमानुसार कराई गई है।
प्रीति तिवारी, एसडीएम