अमेठी। होटल में क्वारंटीन सिपाही की कोरोना पॉजिटिव रिपोर्ट आने के बाद घोषित कंटेनमेंट जोन में लगाई गई 49 टीमों ने मंगलवार से 1752 घरों का डोर-टू-डोर सर्वें शुरू किया।
सर्वे के दौरान एक किलोमीटर की परिधि में निवास करने वाले 9,572 लोगों की स्वास्थ्य के साथ अन्य जानकारी निर्धारित प्रारूप पर एकत्र की जाएगी। कोरोना संक्रमण को नियंत्रित करने के उद्देश्य से कंटेनमेंट परिधि में लगातार डी-सैनिटाइजेशन भी कराया जा रहा है।
जिले में तैनात आजमगढ़ निवासी एक हेड कांस्टेबल को थर्मल स्क्रीनिंग के बाद छह मई को अमेठी शहर स्थित एक होटल में क्वारंटीन कराया गया था। क्वारंटीन करने के बाद उसका सैंपल लेकर जांच के लिए एसजीपीजीआई लखनऊ भेजा गया था।
दस मई को आई रिपोर्ट में उसे पॉजिटिव पाया गया। सिपाही की रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद डीएम अरुण कुमार ने एक किलोमीटर के दायरे को कंटेनमेंट जोन घोषित करते हुए पूरे क्षेत्र को सील कराकर प्रोटोकॉल के तहत कार्रवाई शुरू करा दी थी।
पूरे जोन को डी-सैनिटाइजेशन करने तथा संक्रमित लोगों की पहचान करने के लिए डीएम ने पर्यवेक्षक अफसर के साथ ही स्वास्थ्य विभाग, आंगनबाड़ी व शिक्षकों की 49 टीम गठित की है। गठित टीम ने निर्देशों के अनुसार कंटेनेटमेंट जोन की परिधि में शामिल 1,752 मकानों में रहने वाले 9,572 लोगों की स्क्रीनिंग व निर्धारित प्रारूप पर जानकारी एकत्र करने का काम मंगलवार को शुरू कर दिया। स्वास्थ्य विभाग एकत्र डाटा के अनुसार लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण कर अपनी रिपोर्ट तैयार करने के बाद डीएम को सौंपगा।
डीएम ने बताया कि कंटेनमेंट जोन में आवश्यक वस्तुओं के साथ दवा की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए होम डिलेवरी कराई जा रही है। होम डिलेवरी के लिए 29 पास जारी किए गए हैं। इतना ही नहीं जोन में दो मोबाइल वाहन से लाउड स्पीकर के माध्यम से लोगों को बचाव की जानकारी दी जा रही है।
जिला प्रशासन ने जिन क्षेत्रों को कंटेनमेंट जोन घोषित किया है उनमें खेरौना, सरवनपुर, सराय राजशाह के साथ ही नगर पंचायत के वार्ड संख्या पांच, छह, नौ, 10, 11 व 12 शामिल हैं। जोन परिधि में प्रवेश एवं निकास की व्यवस्था प्रशासन के हिसाब से चल रही है। बिना अधिकृत पास व चेकिंग किए इन क्षेत्रों में किसी का भी प्रवेश व निकास पूरी तरह से प्रतिबंधित है।
कंटेनमेंट जोन के प्रत्येक घर का सर्वे कर वहां मौजूद लोगों के स्वास्थ्य व अन्य गतिविधियों से जुड़ी जानकारी एकत्र करने के लिए जिला प्रशासन की ओर से पूर्व में गठित कार्मिकों की टीम सक्रिय कर दी गई है। इस टीम में ग्राम पंचायत/ग्राम विकास अधिकारी, परिषदीय विद्यालयों के प्रधानाध्यापक, आशा बहू, आंगनबाड़ी कार्यकत्री व एक चिकित्सक शामिल हैं।