अमेठी सिटी। जिले की गोशालाओं में क्षमता से लगभग दोगुने निराश्रित पशुओं को संरक्षित किया गया है। इसके बाद भी निराश्रित पशुओं की समस्या का समाधान नहीं हो रहा है। इस समस्या से निपटने के लिए जिले में 26 नई गोशालाएं बनाई जा रही हैं। जबकि 116 गोशालाओं में पहले से ही पशुओं को संरक्षित किया गया है। जिले की सभी 116 गोशालाओं की क्षमता करीब 12000 की है, जबकि क्षमता के सापेक्ष करीब 21,000 पशुओं को संरक्षित किया गया है। इसके बाद भी लगभग उतने ही पशु गोशाला से बाहर घूम रहे हैं। किसानों का कहना है कि पशुओं के आवारा घूमने से खेती को सबसे बड़ा नुकसान हो रहा है। किसान तार बाड़ लगाकर बहुत मुश्किल से खेती कर पा रहा है। दलहन की फसल घटने से दालों के दाम में तेजी से इजाफा हो रहा है। अन्य कृषि वाली फसलें तेजी से महंगी होती जा रही हैं।
छह वृहद गोशालाओं के प्रस्ताव
जिले में छह नई गोशालाओं का प्रस्ताव है। जिला विकास अधिकारी वीरभानु सिंह ने बताया कि प्रत्येक गौशाला की क्षमता 300 पशुओं की होगी। जिले में 20 सामान्य गोशाला का भी प्रस्ताव है, जिसमें प्रत्येक गौशाला की क्षमता 100 पशुओं की होगी। इसके लिए गांवों में जमीन की खोज की जा रही है। जमीन मिलते ही इसका डीपीआर बनाया जाएगा। पशुओं को संरक्षित करने का कार्य शुरू किया जाएगा।
42 गोशालाओं में बढ़ाए जाएंगे शेड
अमेठी सिटी। जिले की 42 गोशालाओं में एक अतिरिक्त शेड बढ़ाए जाएंगे। इसके लिए संबंधित ग्राम प्रधान को निर्देशित कर दिया गया है। ग्राम पंचायत की ओर से शेड बढ़ाने से पशुओं को त्वरित रूप से संरक्षित करने का कार्य शुरू कर दिया जाएगा। इसके लिए ग्राम प्रधानों को एक माह का समय दिया गया है।