अमेठी सिटी। जिले के सभी 30 पीएचसी में रविवार को आयोजित मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेले में 2563 मरीजों का इलाज किया गया। 13 गंभीर मरीजों को सीएचसी रेफर किया गया। मेले में मरीजों की खून की जांच नहीं हो सकी और दर्द का मलहम नहीं था।
गौरीगंज सीएचसी क्षेत्र स्थित सैंठा पीएचसी में प्रभारी डॉ. एचपी यादव की मौजूदगी में मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेला आयोजित हुआ। मेला ड्यूटी में लगे सभी स्टाफ मौजूद मिला। 12:19 बजे 48 मरीज इलाज कराने पहुंचे थे। लैब टेक्नीशियन मौजूद मिले, लेकिन किट को छोड़कर अन्य खून संबंधी जांच मरीजों की नहीं हुई।
मेले में पहुंची अत्तानगर निवासी बुजुर्ग धन्नू ने बताया कि कमर और पैर में दर्द हो रह है। दवा लेने के बाद भी आराम नहीं मिल रहा है। चिकित्सक ने दवा लिखी है, दर्द का मलहम नहीं मिला। बताया कि दर्द का मलहम खत्म हो गया है। सैंठा गांव निवासी शेर बहादुर ने बताया कि दो दिन से पेट में दर्द हो रहा है। चिकित्सक को दिखाया तो उन्होंने दवा देकर सावधानी बरतने की सलाह दी है। सोगरा निवासी शिवलाल ने बताया कि कई दिनों से बुखार, खांसी आ रही है। बाहर से दवा लेने के बाद भी आराम नहीं मिल रहा है। कहा कि आज मेले में चिकित्सक ने दवा देकर सावधानी बरतने की सलाह दी है।
छिटेपुर निवासी रामफेर यादव ने बताया कि कई दिनों से बुखार आ रहा है। बाहर निजी चिकित्सक से दवा ली थी, आराम नहीं मिला। यहां पर आए तो डॉक्टर ने दवा दी, लेकिन जांच नहीं हुई। चिकित्सक ने सावधानी बरतने की सलाह दी है। इसके साथ ही सभी पीएचसी पर मौजूद चिकित्सकों ने डेंगू, मलेरिया, फाइलेरिया, बुखार आदि से बचने को लेकर लोगों को जागरूक किया।
चिकित्सक व एलटी मिले अनुपस्थित
सीएमओ डॉ. अंशुमान सिंह ने गौरीगंज के जेठूमवई, भेंटुआ के अमयेमाफी और शिवगंज पीएचसी पर आयोजित मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेले का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान जेठूमवई पीएचसी पर लैब सहायक अखिलेश कुमार और अमयेमाफी पीएचसी पर डॉ. पुष्पेंद्र कुमार अनुपस्थित मिले। सीएमओ ने अनुपस्थित मिले चिकित्सक व कर्मी का वेतन रोकते हुए नोटिस जारी करने का निर्देश दिया है।