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Amethi News: 632 करोड़ की 253 ग्रामीण पेयजल परियोजनाएं अधूरी

Sat, 22 Mar 2025 12:13 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
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अमेठी सिटी। जिले में ग्रामीणों को स्वच्छ पेयजल सुविधा उपलब्ध कराने के लिए करीब 632 करोड़ से विकसित की जा रहीं 253 पेयजल परियोजनाएं अब तक पूरी नहीं हो सकी हैं। इन परियोजनाओं से 504 राजस्व गांवों की करीब आठ लाख की आबादी को पेयजल सुविधा उपलब्ध होनी है, लेकिन इनके अधूरे होने से गर्मी में लोगों को पेयजल समस्या से जूझना पड़ेगा। इस संबंध में जल निगम की ओर से तीनों कार्यदायी संस्थाओं को नोटिस जारी किया गया है।
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गर्मी का मौसम शुरू होने वाला है। ऐसे में पेयजल की समस्या बढ़ने की संभावना है। इसके बाद भी ग्रामीण अंचल में शुद्ध पानी की सप्लाई के लिए निर्माणाधीन ग्रामीण पेयजल योजनाएं अधूरी हैं। जिले में तीन संस्थाओं के माध्यम से पेयजल परियोजनाओं के निर्माण का कार्य किया जा रहा है। जिले के 944 राजस्व गांवों में जल जीवन मिशन के तहत 487 ग्रामीण पाइप लाइन परियोजनाएं स्थापित होनी हैं। अब तक जिले में करीब 440 राजस्व गांवों में 234 ग्रामीण पेयजल परियोजनाओं से जलापूर्ति शुरू हो गई है, जिसमें 121 परियोजनाओं में पानी की टंकी से तो 113 परियोजनाओं में सीधे पंप के माध्यम से पानी सप्लाई की जा रही है।


वहीं, करीब 632.5 करोड़ की लागत से 504 राजस्व गांवों में जलापूर्ति के लिए स्थापित हो रही 253 ग्रामीण पेयजल परियोजनाओं का निर्माण कार्य अधूरा है। निर्माण कार्य पूरा होने की अवधि दिसंबर, 2024 निर्धारित थी। परियोजनाओं को पूरा करने का लक्ष्य दिए जाने के बाद भी नामित कार्यदायी संस्थाओं की लापरवाही के कारण निर्माण कार्य अब तक अधूरा पड़ा है।
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नामित संस्थाओं के कार्य की स्थिति
जिले के 13 ब्लॉकों में तीनों कार्यदायी संस्थाओं को 944 गांवों में 487 ग्रामीण पेयजल परियोजनाओं की स्थापना करनी है। मेसर्स वैलस्पन इंटर प्राइजेज एवं कावेरी इंफ्रा प्रोजेक्ट प्राइवेट लिमिटेड को 240 राजस्व गांवों में 133 परियोजनाओं की स्थापना करनी है, जिसमें से संचालित 46 परियोजनाओं से 79 राजस्व गांवों में जलापूर्ति हो रही है। वहीं, 161 राजस्व गांवों में 87 ग्रामीण परियोजनाओं का कार्य अधूरा पड़ा है। मेसर्स गायत्री रैंकी 302 राजस्व गांवों में 160 पेयजल परियोजनाओं का निर्माण कर रही है।


अब तक 84 परियोजनाओं से 155 राजस्व गांवों में जलापूर्ति शुरू हो पाई है। वहीं, 147 राजस्व गांवों में 76 पेयजल परियोजनाओं का कार्य अधूरा पड़ा है। मेसर्स विन्ध्या टेलिलिंक्स गाजा इंजीनियरिंग प्राइवेट लिमिटेड 402 राजस्व गांवों में 194 पेयजल परियोजनाओं का निर्माण कर रही है। अब तक 104 परियोजनाओं से 206 राजस्व गांवों में जलापूर्ति शुरू हो पाई है। वहीं, 196 राजस्व गांवों में 90 पेयजल परियोजनाओं का कार्य अधूरा पड़ा है।



शासन को लिखा है पत्र
जल निगम ग्रामीण के अधीक्षण अभियंता अनिल कुमार राव ने बताया कि दिसंबर 2024 तक परियोजनाओं को पूरा करने का लक्ष्य था। अब जून 2025 तक परियोजनाओं को पूरा करने का निर्देश दिया गया है। कार्य में देरी व लापरवाही पर तीनों कार्यदायी संस्थाओं को नोटिस जारी कर शासन को पत्र लिखा गया है।
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