गौरीगंज (अमेठी)। शासन के निर्देश पर गैर प्रांत में फंसे लोगों को लाने की कोशिश के दौरान बुधवार को गुजरात व राजस्थान से आरक्षित वाहन से 253 लोगों को जिला मुख्यालय लाया गया। जिला मुख्यालय स्थित अस्थाई स्क्रीनिंग सेंटर पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने उनकी स्क्रीनिंग करते हुए स्वास्थ्य प्रमाण पत्र जिला प्रशासन को दिया। यह प्रमाण पत्र मिलने के बाद जिला प्रशासन ने सभी को होम क्वांरटीन की नोटिस व निर्देश समझाते हुए उन्हें 21 दिन घर में रहने का निर्देश देते हुए उन्हें घर भेज दिया है।
कोरोना वायरस संक्रमण रोकने के लिए केंद्र सरकार के निर्देश पर 25 मार्च को घोषित लॉकडाउन के दौरान गैर प्रांत व जिले में बड़ी संख्या में लोग फंस गए थे। लोगों की परेशानी को देखते हुए प्रदेश सरकार ने आरक्षित वाहनों से लोगों की घर वापसी करने की योजना बनाते हुए उन्हें लाने का प्रबंध किया है। शासन के निर्देश पर बुधवार को गुजरात व राजस्थान से 253 लोग जिला मुख्यालय पहुंचे।
जिला मुख्यालय पहुंचने के बाद जिला प्रशासन ने उन्हें मनीषी महिला महाविद्यालय में रोकते हुए उनके भोजन व नाश्ते का प्रबंध करने के बाद स्वास्थ्य टीम से उनका परीक्षण कराया। स्वास्थ्य टीम ने थर्मल स्क्रीनिंग व जांच के बाद उनका डाटा तैयार करते हुए उनके प्रथमदृष्टया स्वस्थ होने की रिपोर्ट जिला प्रशासन को दी। रिपोर्ट मिलने के बाद प्रशासन ने उन्हें होम क्वारंटीन नोटिस देते हुए 21 दिन घर की सीमा में रहने तथा अन्य निर्देशों की जानकारी देते हुए आरक्षित वाहन से उन्हें उनके घर पहुंचाते हुए होम क्वारंटीन कर लेखपाल को नियमित निगरानी करने का निर्देश दिया।
अस्थाई स्क्रीनिंग सेंटर की प्रभारी तहसीलदार गौरीगंज संगीता पांडेय ने बुधवार को 253 लोगों के गुजरात व राजस्थान से पहुंचने की पुष्टि की। बताया कि 184 लोग गौरीगंज तहसील के थे जिन्हें होम के लिए क्वारंटीन करवा दिया गया है। शेष को आरक्षित वाहन से संबंधित तहसीलों में भेजा गया है।