अमेठी सिटी। पुलिस टीमों ने जिले में इस साल साइबर ठगी के शिकार हुए 20 लोगों को करीब 15 लाख 50 हजार रुपये वापस कराए हैं। रुपये वापस पाने वाले पीड़ितों ने खुशी जताते हुए पुलिस की प्रशंसा की है।
दरअसल इंटरनेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग, प्लास्टिक कार्ड और कैशलेस ट्रांजेक्शन के बढ़ते चलन के बीच साइबर क्राइम की घटनाएं भी तेजी से बढ़ रही हैं। साइबर अपराधी लोगों के बैंक खाते में सेंध लगाकर रुपये पार कर दे रहे हैं। इसका पता लोगों को तब चलता है, जब उनके मोबाइल पर खाते से पैसा निकलने का मैसेज आता है।
जिले में हर दूसरे-तीसरे दिन कोई न कोई साइबर जालसाजों का शिकार बन जाता है। साइबर जालसाज कभी लॉटरी खुलने के नाम पर तो कभी एटीएम बंद होने से बचाने का झांसा देकर लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं।
जिला मुख्यालय गौरीगंज में संचालित हो रहे साइबर क्राइम अपराध थाने की पुलिस टीम ने 2024 में 20 लोगों को 15 लाख 50 हजार रुपये वापस करवाए हैं। एसपी अनूप कुमार सिंह ने बताया कि कोई भी बैंक अधिकारी किसी भी खाताधारक से फोन पर एटीएम, क्रेडिट कार्ड या बैंक खाते से संबंधित कोई जानकारी नहीं मांगता। इसलिए कभी भी फोन काल पर अपने बैंक खाते से संबंधित कोई जानकारी साझा न करें। ठगी का शिकार होने पर अपने करीबी पुलिस थाने में शिकायत दर्ज करा सकते हैं।