गौरीगंज : एंटी लार्वा दवा छिड़काव करता कर्मी। -संवाद
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गौरीगंज (अमेठी)। सिंहपुर के उसरहा जेहटा गांव में मासूम की डेंगू से मौत के बाद स्वास्थ्य टीमों ने गांव में डेरा डाल दिया है। बुधवार को घर-घर सर्वे के दौरान मिले 19 बुखार पीड़ित मरीजों की स्लाइड जांच करते हुए दवा मुहैया कराई गई। गांव में एंटी लार्वा दवाओं का छिड़काव कराते हुए संक्रामक रोगों के प्रति ग्रामीणों को जागरूक किया गया।
सिंहपुर ब्लॉक क्षेत्र के उसरहा जेहटा निवासी मोहित अवस्थी का ढाई वर्षीय पुत्र ओम अवस्थी पिछले दिनों बुखार की चपेट में आ गया था। तबीयत बिगड़ने पर परिजन इलाज के लिए उसे लखनऊ ले गए और एक निजी अस्पताल में भर्ती कराकर इलाज करा रहे थे। मंगलवार को ओम की मौत हो गई। पिता ने ओम के डेंगू पॉजिटिव होने की बात कही थी। मासूम की मौत की सूचना के बाद बुधवार को गांव पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने पूरे गांव में घर-घर सर्वे किया। इस दौरान कुल 19 ग्रामीण बुखार से पीड़ित पाए गए।
बुखार पीड़ित मरीजों की मौके पर ही स्लाइड बनाकर डेंगू व मलेरिया की जांच की गई तो सबकी रिपोर्ट निगेटिव आई। स्वास्थ्य अधिकारियों ने ग्रामीणों को संक्रामक बीमारियों से बचाव का तरीका बताते हुए पूरी बांह का कपड़ा पहनने, ताजा भोजन करने, एक स्थान पर पानी जमा नहीं होने देने तथा अपने घर व आसपास साफ-सफाई रखने को कहा गया। इसके अलावा पूरे गांव में एंटी लार्वा का छिड़काव कराया गया।
सीएमओ डॉ. विमलेंदु शेखर ने बताया कि गांव में मिले बुखार पीड़ित मरीजों की जांच मौके पर कराई गई। कोई भी मरीज डेंगू व मलेरिया पॉजिटिव नहीं पाया गया। गांव के कई स्थानों पर मिले लार्वा को नष्ट कराते हुए दवाओं का छिड़काव कराया गया है।