अमेठी सिटी। फाइलेरिया से बचाव के लिए 10 से 28 फरवरी तक घर-घर जाकर स्वास्थ्य कर्मी लोगों को फाइलेरिया रोग से बचाव की दवा खिलाएंगे। इसके लिए 22.16 लाख का लक्ष्य रखा गया है। 1,783 टीम गठित करके 304 पर्यवेक्षकों की तैनाती की गई है।
बृहस्पतिवार को सीएमओ डॉ अंशुमान सिंह ने अभियान की जानकारी देते हुए लोगों से दवा का सेवन कर जिले को फाइलेरिया मुक्त बनाने में सहयोग करने की अपील की। बताया कि घर-घर जाकर दवा का सेवन कराने वाले 3566 स्वास्थ्यकर्मियों को प्रशिक्षित किया गया है।
सीएमओ ने कहा कि ट्रिपल ड्रग थेरेपी आईडीए अभियान को लेकर अन्य विभागों से समन्वय बनाया जा रहा है। साथ ही सभी 13 ब्लॉक स्तरीय सामुदायिक व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर अंतर विभागीय समन्वय समिति की बैठक आयोजित की जा रही है।
बीते साल मिले थे 2265 रोगी
अमेठी सिटी। पिछले वर्ष 2023 में जिले में फाइलेरिया के रोगियों की संख्या 2265 है। इसमें हाइड्रोसील के 373 और लिम्फोडीमा के 1892 रोगी शामिल हैं। जिन ब्लॉक या क्षेत्र में ज्यादा मरीज हैं तो वहां अधिक ध्यान दिया जाएगा।
ये लक्षण दिखाई दें तो करें दवा
एसीएमओ डॉ राम प्रसाद ने बताया कि फाइलेरिया बीमारी के लक्षण पांच से 10 वर्षों के बाद देखने को मिलते हैं। शुरुआत में कोई लक्षण नहीं दिखाई देते हैं। फाइलेरिया एक संक्रमित व्यक्ति से दूसरे स्वस्थ व्यक्ति में मच्छर के काटने से फैलता है।
इस बीमारी से हाथ, पैर, स्तन और अंडकोष में सूजन हो जाता है। इसलिए हर कोई अपने को फाइलेरिया ग्रसित मानकर दवा का सेवन करें। खुद के साथ आने वाली पीढ़ी को इस बीमारी से सुरक्षित बनाएं। यह दवा पूरी तरह सुरक्षित है, इसलिए लक्षण आने का इंतजार न करके दवा का सेवन करें।