शाहगढ़ के पिछौरा में तिरंगा तैयार करतीं समूह की महिलाएं। स्रोत : स्वयं
अमेठी सिटी। हर घर तिरंगा अभियान में ग्रामीण महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए स्वयं सहायता समूहों ने कमान संभाल ली है। 133 समूहों की 176 महिलाएं 1.50 लाख झंडे तैयार कर रही हैं। इनमें से करीब 90 हजार झंडे तैयार हो चुके हैं। अब शेष 60 हजार झंडे अभियान शुरू होने से पहले तैयार कराने की कवायद चल रही है।
अभियान को जनभागीदारी से जोड़ने के लिए स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को तिरंगा बनाने की जिम्मेदारी दी गई है। महिलाएं समूह स्तर पर कपड़े की कटिंग, सिलाई और झंडे तैयार करने का काम कर रही हैं। इससे राष्ट्रध्वज तैयार करने के साथ महिलाओं को काम भी मिल रहा है।
तिरंगे निर्धारित मानकों के अनुरूप बनाए जा रहे हैं। प्रशासन का प्रयास है कि अभियान के दौरान गांवों और कस्बों में लोगों को गुणवत्तापूर्ण राष्ट्रध्वज आसानी से उपलब्ध हो सके। तैयार झंडों को ब्लॉक और ग्राम पंचायतों के माध्यम से लोगों तक पहुंचाया जाएगा।
डीसी एनआरएलएम प्रवीण शुक्ल ने बताया कि लक्ष्य के अनुसार तिरंगे तैयार करने का काम तेजी से चल रहा है। अब तक करीब 90 हजार झंडे तैयार हो चुके हैं। शेष झंडों को समय से तैयार कराने के लिए समूहों की महिलाओं को लगाया गया है।
अभियान के तहत झंडे 20 रुपये की दर से उपलब्ध कराए जाएंगे। अधिक से अधिक घरों तक तिरंगा पहुंचाने के लिए ग्राम पंचायत स्तर पर भी इसकी उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। इससे अभियान में ग्रामीण क्षेत्रों की भागीदारी बढ़ाने के साथ स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को रोजगार का अवसर भी मिलेगा।