गौरीगंज स्थित इफको किसान सेवा केंद्र पर रखी यूरिया। -संवाद
अमेठी सिटी। रबी के मौसम में गेहूं सहित अन्य फसलों में टॉप ड्रेसिंग के लिए किसानों को यूरिया के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा। दिसंबर माह में मांग के सापेक्ष जिले में 14036 मीट्रिक टन यूरिया मौजूद है। वहीं, अन्य जिलों से 7354 एमटी यूरिया आ रही है। इसके अलावा जिले में 22 हजार नैनो यूरिया की बोतल उपलब्ध हैं।
रबी सीजन में गेहूं आदि की फसलों की बोआई के बाद अब सिंचाई कर चुके किसान फसलों में यूरिया की टाप ड्रेसिंग करना शुरू कर दिए हैं। ऐसे में कृषि विभाग डीएपी की किल्लत को देख यूरिया की पहले से तैयारी की है। जिले में मौजूदा समय में 14036 एमटी यूरिया उपलब्ध है। जबकि दिसंबर माह में विभाग के अनुसार कुल 8279 एमटी यूरिया की मांग होती है। जिसमें अब तक 1673 एमटी यूरिया वितरित की जा चुकी है। वहीं, 22 हजार नैनो यूरिया की बोतल भी मौजूद है। विभाग की ओर से 8700 एमटी यूरिया की मांग की गई है। जिसमें से आसपास के जिलों में आने वाली इफको व अन्य कंपनियों की रैक से 1346 एमटी इस माह मिली है। शेष 7334 एमटी यूरिया ट्रकों के माध्यम से इफको केंद्रों व समितियों पर पहुंचाई जा रही है।
जिले में नहीं है यूरिया की कमी
जिला कृषि अधिकारी डॉ. राजेश कुमार ने बताया कि जिले में यूरिया की कमी नहीं है। निजी दुकानों के साथ इफको केंद्रों के साथ पीसीएफ गोदामों पर यूरिया उपलब्ध है। कहा कि 14036 एमटी यूरिया जिले में है। 8700 एमटी यूरिया की मांग की गई है। जिसमें 1346 एमटी यूरिया मिल गई है।
इफको के क्षेत्रीय प्रबंधक शिशुपाल ने बताया कि सभी इफको केंद्रों पर यूरिया उपलब्ध है। पीसीएफ गोदामों से केंद्रों व समितियों तक समय से यूरिया पहुंचती रहेगी तो किसानों को परेशानी नहीं होगी। बताया कि नैनो यूरिया की बोतल पर्याप्त है। किसान पहली टॉप ड्रेसिंग नैनो के साथ करें। चार एमएल नैनो घोल प्रति लीटर पानी में डालकर पत्तियों पर छिड़काव करें। उन्होंने अमेठी स्थित इफको केंद्र पर जल्द ही एक कर्मी की तैनाती करा दी जाएगी।