अमेठी सिटी। जिले के सभी थानों में नए कानून के तहत कार्रवाई शुरू हो गई। बुधवार की देरशाम तक नए कानून के तहत जिले में 13 मुकदमे दर्ज किए गए हैं, जबकि ऑनलाइन एक भी एफआईआर दर्ज नहीं हुई। एक जुलाई के बाद दर्ज हुए मुकदमों की विवेचना भी शुरू करा दी गई है।
पुलिस अफसरों का दावा है कि साक्ष्य संकलन सहित सभी प्रक्रियाएं नए कानूनों के तहत हो रही हैं। जिले के 19 थानों में से 10 थानों में नए कानून के तहत केस दर्ज हो चुके हैं। सबसे अधिक तीन मुकदमे मोहनगंज थाने में दर्ज हुए हैं।
कमरौली थाने में दो मुकदमे लिखे गए हैं। इसके अलावा गौरीगंज, मुंशीगंज, रामगंज, मुसाफिरखाना, जगदीशपुर, भाले सुल्तान शहीद स्मारक, जायस और फुरसतगंज थाने में एक-एक मुकदमा दर्ज हुआ है। एएसपी हरेंद्र प्रताप ने बताया कि अमूमन लोग ऑफ लाइन ही मुकदमा दर्ज कराते हैं।
- जिले में महिला व साइबर थाना सहित 19 थाने हैं।
-10 थानों में 13 केस दर्ज
नए कानूनों से जल्द आएंगे फैसले
नए कानून सभी के लिए फायदेमंद हैं। ब्रिटिश काल के कानूनों में बदलाव कर तीन नए कानून भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, भारतीय न्याय संहिता व भारतीय साक्ष्य अधिनियम लागू किए गए हैं। इन नए कानूनों से भारतीय आपराधिक न्याय प्रणाली में बड़े परिवर्तन हुए हैं। नए कानूनों का उद्देश्य पीड़ित को त्वरित न्याय दिलाना है। अपराधियों के लिए ये कानून काफी सख्त हैं। नए कानूनों से मुकदमा दर्ज कराना भी आसान हो गया है। आपराधिक मामले काफी दिन तक चलने के बजाय उनमें जल्द फैसले आएंगे।
बालेंदु भूषण सिंह, सेवानिवृत्त डीआईजी लाॅजिस्टिक
अब नए कानून के तहत एफआईआर दर्ज की जा रही हैं। दर्ज हो रहे मुकदमों की विवेचना भी नए कानून के तहत शुरू करा दी गई है। कानून के मुताबिक ही साक्ष्य संकलन सहित अन्य प्रक्रियाएं पूरी कराई जा रही हैं। अभी तक जिले में कोई ई-एफआईआर नहीं हुई है। नए कानूनों को लेकर लोगों को जानकारी भी दी जा रही है।
अनूप कुमार सिंह, एसपी, अमेठी