गौरीगंज के सैठा पीएचसी पर आयोजित आरोग्य मेले में मरीज का इलाज करते डॉक्टर। -संवाद
अमेठी सिटी। किसी का शरीर बुखार से तप रहा था तो कोई पेट दर्द और खांसी से परेशान था। कई दिनों से बीमारी से जूझ रहे मरीज रविवार को मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेले में पहुंचे। जिले के 30 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर सुबह से मरीजों के आने का सिलसिला शुरू हो गया। चिकित्सकों ने 1236 मरीजों की जांच कर दवाएं दीं। गंभीर हालत में तीन मरीजों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रेफर किया गया।
गौरीगंज के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सैंठा पर सुबह से मरीज पहुंचने लगे। सुबह 11:30 बजे चिकित्सक मरीजों की जांच में जुटे थे। डॉ. यश त्रिपाठी और डॉ. सीमा सिंह ने मरीजों की परेशानी सुनकर उपचार किया। सैंठा निवासी महरून निशा पैर में चोट की समस्या लेकर पहुंचीं। उन्होंने बताया कि गांव में इलाज कराने के बाद भी आराम नहीं मिला। मेले में चिकित्सक ने दवा दी है।
इसी गांव की नाजिया ने बताया कि 12 दिनों से ठंड लगने के साथ बुखार आ रहा है। निजी चिकित्सक से इलाज कराने के बाद भी राहत नहीं मिली। मेले में जांच के बाद दवा दी गई। सत्य नारायण ने बताया कि एक सप्ताह से पेट दर्द, गैस और गले में जलन की समस्या बनी हुई है। घरेलू उपचार से आराम नहीं मिला। अंधियारी गांव के माताफेर ने बताया कि पांच दिनों से बुखार, सिर, बदन और कमर दर्द से परेशान हैं। दवा खाने पर कुछ समय के लिए राहत मिलती है, फिर बुखार और दर्द शुरू हो जाता है। चिकित्सक ने जांच के बाद दवा दी।
सीएमओ ने तीन केंद्रों का लिया जायजा
मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेले के दौरान सीएमओ डॉ. अंशुमान सिंह ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र अडारू, शाहमऊ और नंदमहर का निरीक्षण किया। उन्होंने मेले की व्यवस्थाएं देखने के साथ मरीजों को स्वच्छता बनाए रखने, साफ या उबला पानी पीने और बुखार या दस्त होने पर तत्काल स्वास्थ्य केंद्र पहुंचकर उपचार कराने की सलाह दी।