अमेठी सिटी। एफटीसी कोर्ट रायबरेली ने फुरसतगंज थाने में दर्ज दुष्कर्म प्रकरण में पूरे रानी का पुरवा निवासी राकेश पाल को दोषी ठहराते हुए 10 वर्ष का कारावास और पांच हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड न जमा होने पर पांच माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
21 फरवरी 2021 को फुरसतगंज क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली महिला ने राकेश पर दुष्कर्म करने और विरोध पर जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज कराई थी। मामले की जांच तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक अंगद कुमार सिंह ने की थी। निरीक्षण, चिकित्सकीय परीक्षण, गवाहों के बयान और उपलब्ध दस्तावेजों से घटना सत्य साबित हुई। सभी प्रमाण सामने आने पर आरोप पत्र न्यायालय भेजा गया।
सुनवाई में अभियोजन पक्ष ने साक्ष्य प्रस्तुत किए। वादिनी, चिकित्सक और विवेचक के बयान दर्ज हुए। बचाव पक्ष के तर्क प्रस्तुत तथ्यों के सामने टिक नहीं पाए। न्यायालय ने माना कि साक्ष्य आरोपी को दोषी सिद्ध करते हैं। आदेश में कहा गया कि ऐसे अपराध महिला की गरिमा पर आघात करते हैं और समाज में भय का माहौल उत्पन्न होता है। पीड़िता का बयान विश्वसनीय पाया गया। इसी आधार पर दोषी को सजा सुनाई गई।