- ग्राम प्रधान के नेतृत्व में चयनित गरीबों का होगा पंजीकरणसंवाद न्यूज एजेंसी
अमेठी। सरकार द्वारा संचालित गरीबी उन्मूलन के तहत प्रत्येक ग्राम पंचायत में निवास करने वाले 10 से 25 सबसे अधिक निर्धन परिवारों की गरीबी दूर की जाएगी। इसके लिए उन्हें प्रदेश सरकार की ओर से संचालित योजनाओं से जोड़ा जाएगा। ग्राम प्रधान के नेतृत्व में चयनित गरीबों का पंजीकरण कराया जाएगा। इस तरह पात्र लाभार्थियों का चयन किया जा सकेगा।
पंचायतीराज कानून के तहत ग्राम पंचायतों में गरीबी उन्मूलन कार्यक्रम लागू करने की जिम्मेदारी दी गई है। योजना द्वारा जिले की 682 ग्राम पंचायत में गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले 10 से 25 सबसे गरीब परिवारों की गरीबी को दूर करने के लिए खोज की जाएगी।
गरीबों की पहचान करने के लिए ग्राम प्रधान, ग्राम पंचायत सहायक, रोजगार सेवक, ग्राम स्वच्छता कर्मी, आजीविका मिशन से जुड़ी वीसी सखी, समूह सखी अपने साथ संबद्ध कर सकेंगे। इन्हें डिजिटल प्लेट फार्म पर लिया जाएगा। ग्राम पंचायतों द्वारा संकलित परिवारों को किन योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है, और किसे नहीं दिया जा रहा। इसके लिए विभागीय प्राथमिकता निर्धारित करेंगे। जिससे गरीब परिवारों को गरीबी से बाहर निकाला जा सके।
प्रतिष्ठित संस्थानों को जोड़कर उनके जरिए प्रगति व परियोजना के प्रभाव का आकलन भी किया जाएगा। टेक्नोलॉजी प्लेटफार्म पर सभी ग्राम पंचायतों के ग्राम प्रधान, ब्लाक व जिला स्तर के विभागीय अधिकारियों को परियोजना के प्रगति और प्रभाव के विषय पर टिप्पणी करने का नियम होगा।
इनको मिलेगी वरीयता
अकेली गरीब महिला विधवा, गरीब परिवार का वृद्ध मुखिया, जिसकी आयु 65 वर्ष या इससे अधिक हो। ज्यादा उम्र और एक मात्र कमाऊ सदस्य, परिवार का मुखिया विकलांग व एक मात्र कमाऊ सदस्य, परिवार जो गरीबी रेखा से नीचे या गरीब परिवार के सदस्य मुखिया प्रवासी मजदूर है। गरीब परिवार जो आपदा प्रभावित क्षेत्र में निवास करते हैं, गरीब परिवार भूमिहीन है, परिवार गरीब हो और उनका मुख्य आजीविका शिल्पकारी हस्त शिल्प है। गरीब परिवार के सदस्य व मुखिया दैनिक मजदूरी करते हैं, गरीब परिवार का मुखिया व सदस्य गंभीर बीमारी से ग्रसित है। पात्र की श्रेणी में आएंगे।
गरीबों का चयन करने का दिया आदेश
गरीबी उन्मूलन के तहत शासन द्वारा निर्धारित गरीब परिवारों का चयन करने के लिए ग्राम पंचायतों को पत्र भेजा गया है। पात्र मिलने वाले गरीबों की गरीबी का उन्मूलन कराया जाएगा।
श्रीकांत यादव, डीपीआरओ अमेठी