अंबेडकरनगर। विशेष न्यायाधीश एससी एसटी रामविलास सिंह ने शुक्रवार को छह साल पूर्व भीटी में हुई थी। अभियुक्त रीता देवी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इनके ऊपर 13 हजार का जुर्माना भी लगाया है। वहीं रीता देवी के पति रतिपाल को तीन साल की सजा सुनाई है। भीटी के सझवां निवासी विजयप्रकाश कोरी के मुताबिक उनके गांव निवासी विपक्षी रतीपाल जायसवाल से जमीनी विवाद चल रहा था। 29 दिसंबर 2019 की सुबह 7.30 बजे उनके पिता खेदूराम 60 कोर्ट के निर्णय के बाद विपक्षी का टीन शेड हटा रहे थे। तभी रतिपाल उनकी पत्नी रीता देवी, बेटी दीपा लाठी लेकर पहुंची और गालियां देने के बाद उनके पिता के सिर पर प्रहार कर दिया था। जिससे वह गंभीर रुप से घायल हो गए थे। उन्हें बचाने पहुंचे विजयप्रकाश उनकी मां मेडा देवी व अयोध्या के हैदरगंज पचगवां निवासी उनकी बुआ फूलपत्ता, अयोध्या के तारुन थानाक्षेत्र के महोलिया निवासी बहनोई रामजग को जाति सूचक गालियां दी थी। घायल पिता की सीएचसी भीटी में इलाज के दौरान मौत हो गई थी। पुलिस ने रतीपाल जायसवाल, रीता देवी व दीपा के खिलाफ हत्या सहित अन्य धाराओं में केस दर्ज किया था। पुलिस ने चार्जशीट कोर्ट में दाखिल कर दी थी। दीपा के नाबालिग होने के नाते कोर्ट ने 17 अगस्त 2021 को दीपा की फाइल अलग कर दी थी। इसी मामले में पुलिस ने रीता देवी को आजीवन कारावास की सजा और पति रतिपाल जायसवाल को तीन साल का सश्रम कारावास की सजा सुनाई है।