अंबेडकरनगर। नए शिक्षासत्र में परिषदीय विद्यालयों के छात्र-छात्राओं को एमडीएम योजना का समुचित लाभ नहीं मिल रहा है। कहीं सिर्फ चावल बन रहा है तो कहीं खाद्यान्न की उपलब्धता न होने से चूल्हा ठप है। इससे कई स्कूलों के छात्र-छात्राओं को लंच बाॅक्स लेकर स्कूल जाने को मजबूर होना पड़ रहा है।
जिले में 1582 परिषदीय विद्यालय संचालित हैं। इसमें सवा दो लाख से अधिक छात्र-छात्राएं पढ़ रहे हैं। इन्हें एमडीएम का लाभ दिलाने के लिए विद्यालयों को खाद्यान्न उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी कोटेदारों पर है। बीते लगभग दो माह से दर्जनों कोटे द्वारा सुचारु रूप से खाद्यान्न विद्यालयों को नहीं उपलब्ध कराया जा रहा है। चावल की उपलब्धता तो कराई जाती है लेकिन गेहूं अक्सर विद्यालय को नहीं मिल रहा है। यदि कहीं गेहूं उपलब्ध भी कराया जाता है तो वह खराब रहता है। सोमवार को टीम ने कुछ विद्यालयों का जायजा लिया तो कुछ इस प्रकार से योजना को लेकर लापरवाही देखने को मिली-
नहीं बना दोपहर का भोजन
प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालय सूरापुर में खाद्यान्न न मिलने से सोमवार को दोपहर का भोजन बना ही नहीं। ऐसे में पंजीकृत 300 छात्र-छात्राओं की तुलना में सोमवार को आए 158 छात्र-छात्राओं में से कई को को घर से लंच लेकर स्कूल आना पड़ा। उच्च प्राथमिक विद्यालय प्रधानाध्यापक दरख्शां सूफिया ने बताया कि बीते दो माह से खाद्यान्न नहीं मिला है। किसी प्रकार इधर-उधर से व्यवस्था कर अब तक बच्चों को भोजन उपलब्ध कराया। बताया कि इसकी जानकारी सभी संबंधित को दी गई है।
दो माह से मिल रहा सिर्फ चावल
प्राथमिक विद्यालय कोटवा महमदपुर को बीते दो माह सेे बच्चों को एमडीएम योजना के तहत सिर्फ चावल ही खाने को मिल रहा है। कारण यह कि कोटे से जो गेहूं मिला था वह खराब था। प्रधानाध्यापिका सीमा वर्मा ने बताया कि लगभग दो माह पूर्व रसोइया मिथिलेश कुमारी इधर-उधर से व्यवस्था कर गेहूं लाई थीं लेकिन कुछ ही दिनों में समाप्त हो गया। ऐसे में अब चावल तो बन रहा है, लेकिन रोटी नहीं बन पा रही है। बताया कि विद्यालय में 101 बच्चे पंजीकृत हैं। सोमवार को 72 छात्र-छात्राएं उपस्थित थे। प्रधानाध्यापिका ने बताया कि गेहूं की उपलब्धता के लिए लगातार जिम्मेेदारों से पत्राचार किया जा रहा है।
जिलापूर्ति अधिकारी को भेजा गया पत्र
जिलापूर्ति अधिकारी को पत्र भेजकर एमडीएम योजना के सुचारू रूप से संचालन के लिए सभी कोटों को खाद्यान्न उपलब्ध कराने को कहा गया है। खाद्यान्न कहां नहीं पहुंचा इसकी मंगलवार को जांच कराई जाएगी। यदि कहीं नहीं होगा तो उपलब्धता कराया जाएगा। - सत्यप्रकाश मौर्य, एमडीएम प्रभारी