जलालपुर (अंबेडकरनगर)। बरसात के चलते तहसील क्षेत्र के 20 से अधिक परिषदीय विद्यालय जलभराव की चपेट में हैं। इससे बच्चों को बरसात के कारण भरे पानी में से होकर स्कूल आने जाने की परेशानी उठानी पड़ रही है। इससे बचाने के लिए बच्चों के अभिभावकों व शिक्षकों ने जिला प्रशासन व शासन से विद्यालयों के मार्ग को ऊंचा कराए जाने की मांग भी की है।
बीते एक पखवारे में हुई बारिश के कारण तहसील क्षेत्र के अधिकांश विद्यालयों में जलभराव की स्थिति व्याप्त हो गयी है।
विशेषतौर पर निचले स्थानों पर संचालित विद्यालयों में यह परेशानी काफी ज्यादा है। इस कारण कहीं परिसर में तो कई जगह कक्षाओं तक में पानी भर गया है। इससे कालेज के मुख्य गेट से लेकर कक्षा तक पहुंचने के लिए भी बच्चों व शिक्षकों को काफी मशक्कत करना पड़ रही है। कई जगह तो विद्यालय तक पहुंचने का मार्ग भी पानी में डूबा हुआ है। ऐसे में पढ़ने के लिए विद्यालय आने वाले बच्चों को जलभराव के पानी से होकर गुजरने की परेशानी भी उठानी पड़ रही है।
मरहरा प्राथमिक विद्यालय व भवानीपुर प्राथमिक विद्यालय के अलावा प्राथमिक विद्यालय मिर्जापुर, उच्च प्राथमिक विद्यालय रत्ना खास, प्राथमिक विद्यालय फतेहपुर मानिकपुर के बच्चों विशेषतौर पर जलभराव की समस्या से जूझ रहे हैं। ढाखा, दौलताबाद, आशापार, लक्ष्मीपुर व सीतागढ़ गांवों के स्कूलों की स्थिति भी कुछ इसी तरह है। बच्चों की सुरक्षा को लेकर परेशान अभिभावकों ने इस पर नाराजगी जताते हुए जिला प्रशासन से मांग की कि ऐसे सभी विद्यालयों के मार्गों को ऊंचा करवा कर बच्चों के आवागमन की परेशानी को दूर कराया जाए।
अन्य क्षेत्रों का भी यही हाल
सिर्फ जलालपुर तहसील ही नहीं अकबरपुर, कटेहरी, बसखारी, रामनगर, जहागीरगंज व टांडा तहसील के कई प्राथमक विद्यालयों के छात्र-छात्राओं को जलभराव के संकट से जूझना पड़ रहा है। बरसात होने पर मार्गों में पानी भरने की समस्या के साथ ही परिसर में भी जलभराव बना रहता है। ऐसे में छात्र-छात्राओं को स्कूल आने जाने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
कुछ विद्यालयों में जलभराव की परेशानी के बाद भी शिक्षण कार्य प्रभावित नहीं हो रहा है। जलभराव की परेशानी को दूर कराने के लिए संबंधित विभाग के साथ मिलकर प्रयास कराए जा रहे हैं। ग्राम पंचायत व अन्य संस्थाओं के सहयोग से स्कूलों के बदहाल रास्तों को दुरुस्त कराया जाएगा।
भोलेंद्र प्रताप सिंह, बीएसए