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Ambedkar Nagar News: किया घंटो इंतजार, कलेक्ट्रेट से लौटते ही एसडीएम गिरफ्तार

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अंबेेडकरनगर। एसडीएम को गिरफ्तार करने आई चंदौली पुलिस ने सोमवार को घंटों इंतजार किया। किसी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए पुलिस उन्हें कार्यालय या किसी अन्य सार्वजनिक स्थान से गिरफ्तार नहीं करना चाहती थी।
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डीएम की बैठक में भाग लेने के बाद जैसे ही वह भीटी में अपने आवास पहुंचे, उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। एसडीएम की गिरफ्तारी न होने पर हाईकोर्ट ने चंदौली के एसपी को व्यक्तिगत रूप से तलब किया था। इसलिए पुलिस ने एसडीएम को कोई मोहलत नहीं दी।
चंदौली जिले में लगभग एक दशक पहले तहसीलदार रहने के दौरान हुए कांशीराम आवास के आवंटन में हुई धांधली में एसडीएम भीटी सुनील कुमार का भी नाम था। हाईकोर्ट में प्रकरण की सुनवाई चलने के दौरान सुनील समेत कई अन्य आरोपी हाजिर नहीं हुए थे।
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इन सभी के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी करने के साथ ही कोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए एसपी चंदौली को व्यक्तिगत रूप से तलब करने की चेतावनी दी थी। इसके बाद ही सभी आरोपी अधिकारियों व कर्मचारियों की गिरफ्तारी तय करने का निर्णय हुआ।
इसी क्रम में चंदौली क्राइम ब्रांच प्रभारी संतोष कुमार सिंह व दरोगा आलोक कुमार सोमवार शाम अंबेडकरनगर पहुंच गए। पता चला कि उस समय एसडीएम सुनील कुमार जिला मुख्यालय पर डीएम की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में भाग लेने गए हैं।
टीम के पास कलेक्ट्रेट पहुंचकर गिरफ्तारी करने या फिर वहां से लौटते समय रास्ते में ही गिरफ्तार करने का विकल्प था। हालांकि किसी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए पुलिस टीम ने एसडीएम के आवास पर लौटने का इंतजार किया।
देर शाम एसडीएम जैसे ही आवास पहुंचे तभी वहां चंदौली पुलिस टीम के साथ भीटी एसओ पंडित त्रिपाठी व अन्य पुलिसकर्मी पहुंच गए। हाईकोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।
एसडीएम सुनील कुमार को जैसे ही पुलिसकर्मियों ने बताया कि वह उन्हें गिरफ्तार करने आए हैं तो वे सन्न रह गए। उन्होंने कई वरिष्ठ अधिकारियों को मदद के लिए फोन लगाया। उन्हें लगा कि कुछ मोहलत मिल जाए तो शायद हाईकोर्ट से राहत मिल जाए। वे एक दो दिन का समय चाहते थे लेकिन गिरफ्तार करने आई पुलिस टीम को ऊपर से गिरफ्तारी के सख्त निर्देश थे।
दरअसल हाईकोर्ट के सख्त रुख को देखते हुए चंदौली के एसपी ने हरहाल में गिरफ्तारी को कह रखा था। इसी के चलते चंदौली से आई टीम ने कोई भी छूट देने से इंकार कर दिया। कोई राहत न मिलती देख एसडीएम सुनील कुमार की आंखें नम हो गईं।
इसके बाद वे गिरफ्तारी देने के लिए राजी हो गए। यह पूरी प्रक्रिया इतने गोपनीय ढंग से चली कि भीटी में भी पुलिस टीम के अलावा किसी को जानकारी नहीं हो पाई। भीटी तहसील के अन्य अधिकारी व कर्मचारी को मंगलवार सुबह एसडीएम की गिरफ्तारी हो जाने की खबर पता चली।
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