टांडा (अंबेडकरनगर)। राजकीय मेडिकल कॉलेज सद्दरपुर में मरीजों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ का बड़ा मामला सामने आया है। वहां भर्ती मरीजों को मरी हुई छिपकली समेत मंगलवार रात भोजन परोस दिया गया। इसे लेकर मरीजों ने आक्रोश का इजहार भी किया। दर्जनों मरीजों ने भोजन ही छोड़ दिया। सोशल मीडिया पर छिपकली समेत भोजन का वीडियो वायरल होने पर प्राचार्य ने जांच का भरोसा दिलाया लेकिन शाम होते होते लीपापोती शुरू हो गई।
राजकीय मेडिकल कॉलेज के अलग अलग वार्डों में भर्ती मरीजों को भोजन देने के लिए एक निजी फर्म को अधिकृत किया गया है। कॉलेज में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं के मेस के लिए अलग फर्म है। इस बीच हुआ यह कि भर्ती मरीजों को मंगलवार शाम भोजन परोसा गया। सात बजे करीब अलग-अलग वार्डों में पहुंचकर संस्था के कर्मचारियों ने भोजन उपलब्ध करा दिया। कुछ देर बाद वार्ड नंबर आठ में भर्ती मरीज जानकी को मिली सब्जी में मरी हुई छिपकली दिखी।
इस पर वहां भर्ती मरीज व तीमारदारों सन्न रह गए। उनमें आक्रोश फैल गया। कई तीमारदार एकजुट होकर इमरजेंसी कक्ष पहुंचे। वहां तैनात चिकित्सकों व कर्मचारियों से शिकायत दर्ज कराया। इसके बाद वापस लौट आए। भोजन में छिपकली मिलने की खबर होते ही मेडिकल कॉलेज प्रशासन में भी हड़कंप मच गया। रात में ही संबंधित फर्म के संचालक को बुलाया गया। उसने यहां पहुंचकर मरीजों व तीमारदारों से जानकारी ली। हालांकि उसने कोई भी गलती या चूक स्वीकार नहीं की।
रातोंरात चमक गया रसोईघर
मरीजों को मरी छिपकली सहित भोजन परोसे जाने के बाद संबंधित रसोईघर को रातोंरात चमका दिया। हड़कंप मचने के बाद पहुंचे ठेकेदार ने रात में ही सभी आवश्यक प्रबंध करा डाले। ऐसा इसलिए क्योंकि बुधवार सुबह ही मीडिया समेत प्रशासनिक अधिकारियों के पहुंच जाने की उम्मीद थी। इसी के चलते रात में घंटों बड़े पैमाने पर सफाई कराई गई। चीजों को व्यवस्थित कराने के साथ ही फर्श व दीवारें आदि चमाचम नजर आने लगीं।
सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल
खाने में छिपकली मिलने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इसमें एक बर्तन में छिपकली व सब्जी को देखकर मरीज व तीमारदार यह बोलते देखे जा रहे कि इसे ऐसे ही रहने दिया जाए। उनका कहना था कि इसे लोगों को दिखाया जाएगा। इसके बाद ही कार्रवाई हो पाएगी। उधर सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होते ही प्राचार्य डॉ. अमीरुल हसन ने भरोसा दिलाया कि मामले की जांच कराई जाएगी। साफ सफाई व्यवस्था को और पुख्ता किया जाएगा।
लीपापोती कराई, खड़े हो रहे सवाल
मरीजों के खाने में मरी छिपकली मिलने के बाद ठेकेदार को बचाने के लिए कई सफेदपोश सक्रिय हो गए। मेडिकल कॉलेज प्रशासन भी लीपापोती में जुटता दिखाई दिया। नतीजा यह हुआ कि बुधवार को शाम होते होते भर्ती मरीज जानकी की बहू रीमा व पुत्र रामनयन की तरफ से एक सार्वजनिक सूचना जारी हुई। इसमें कहा गया कि 11 जुलाई की रात जब खाना मिला था तब कोई छिपकली नहीं थी। खाना खाने के बाद जूठन थाली जमीन पर रख दिया। बरसाती मौसम होने के कारण कीड़े को खाने के प्रयास में छिपकली जूठन बर्तन में गिर गई। इसके बाद वह मर गई। बयान में कहा गया कि भोजन देने वाले की कोई गलती नहीं है। वे लोग अपनी मर्जी से बयान दे रहे हैं। दंपती ने यही बात वीडियो में भी कही। उधर इस कवायद को लेकर मेडिकल कॉलेज प्रशासन, सफेदपोशों व ठेकेदार की भूमिका पर सवाल खड़े हो रहे हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि वायरल वीडियो में छिपकली जिस तरह दिख रही है उससे यह साफ जाहिर हो रहा कि खाने के किसी बड़े बर्तन में वह घंटों पहले गिर गई। सवाल यह भी खड़े हो रहे कि मरीजों को नाममात्र की सब्जी दी जाती है। ऐसे में यदि मरीज ने पूरी सब्जी छोड़ भी दी तो भी उसमें गिरकर छिपकली की मौत नहीं हो सकती।