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वित्तीय अनियमितता में वीडीओ निलंबित

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अंबेडकरनगर। लगभग 25 लाख रुपये की वित्तीय अनियमितता किए जाने की दोषी मिलीं ग्राम विकास अधिकारी को जिला विकास अधिकारी ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। उधर, निलंबन के बाद वीडीओ ने आरोपों को मनगढ़ंत बताते हुए मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है।
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मौजूदा समय में जहांगीरगंज विकास खंड में ग्राम विकास अधिकारी के पद पर तैनात रहीं मांडवी उपाध्याय पर पूर्व की ग्राम पंचायतों में तैनाती के दौरान वित्तीय अनियमितता बरते जाने का आरोप लगा था। आरोप है कि जब मांडवी टांडा ब्लॉक में ग्राम विकास अधिकारी के पद पर तैनात थीं तो पंचायत जनार्दनपुर, अमिया बाभनपुर, पिपरी सैदपुर, मोहिउद्दीनपुर समेत कई अन्य ग्राम पंचायतों का प्रभार देख रही थीं।
आरोप लगा कि उन्होंने तैनाती के दौरान बड़े पैमाने पर अनियमितता बरती है। बगैर कार्य के ही भुगतान करा लिया गया। शिकायत पर डीडीओ ने टीम का गठन कर जांच कराई। बीते दिनों टीम ने जांच रिपोर्ट सौंप दी।
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जांच रिपोर्ट के अनुसार 53 लाख 57 हजार 660 रुपये कार्यकाल के दौरान आहरित किए गए थे। इसमें जांच में 27 लाख 28 हजार रुपये व्यय होना पाए गए। इस प्रकार 25 लाख 69 हजार 660 रुपये का दुरुपयोग होना पाया गया। जांच में मिला कि प्राथमिक विद्यालय आलमपुर धनौरा में 30 डेस्क-बेंच के भुगतान के लिए एक लाख 57 हजार रुपये निकाले गए। जांच में मात्र 15 डेस्क व बेंच ही मिली। ऐसे में 78 हजार 500 रुपये की गड़बड़ी सामने आई।
इसी प्रकार कंपोजिट विद्यालय जनार्दनपुर में दो लाख रुपये डेस्क व बेंच के लिए आहरित किए गए, लेकिन फर्नीचर की खरीदारी नहीं की गई। विकास खंड जहांगीरगंज में स्थानांतरण हो जाने के बाद पूर्व में तैनाती की ग्राम पंचायतों का चार्ज हस्तांतरित न कर शासकीय कार्यों में व्यवधान उत्पन्न करने का भी मामला सामने आया। डीडीओ वीरेेंद्र सिंह ने बताया कि जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद तत्काल प्रभाव से वित्तीय अनियमितता पाए जाने पर मांडवी उपाध्याय को निलंबित कर दिया गया।
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