अंबेडकरनगर। मौसम की मार झेल रहे किसानों के समक्ष यूरिया का संकट खड़ा हो गया है। जिले की 50 से अधिक समितियों से यूरिया नदारद है। ऐसे में किसानों को खाद के लिए एक समिति से दूसरी समिति का चक्कर लगाना पड़ रहा है। रोपाई के बाद किसान धान की फसल में यूरिया व जिंक खाद का छिड़काव करते हैं। समितियों से उर्वरक न मिल पाने की वजह से उन्हें या तो भटकना पड़ रहा है, या फिर निजी दुकानदारों से महंगे दाम पर यूरिया खाद खरीदनी पड़ रही है। इससे किसान परेशान हैं।
पर्याप्त बारिश न होने के चलते किसान पहले से ही परेशान हैं। किसी तरह वैकल्पिक प्रबंध कर धान रोपाई का कार्य तो निपटा लिया, लेकिन अब समितियों पर यूरिया की किल्लत उन्हें परेशान कर रही है। मौजूदा समय में अधिकांश किसानों को यूरिया की जरूरत है, परंतु अधिकांश समितियों पर यूरिया ही उपलब्ध नहीं है। इससे किसानों को एक समिति से दूसरी समिति पर भटकना पड़ रहा है, लेकिन किसानों को खाद नहीं मिल पा रही है।
जिले में कुल 103 साधन सहकारी समितियां हैं, लेकिन इनमें से 91 समिति ही सुचारु रूप से संचालित हैं। ज्यादातर समितियों पर यूरिया न होने से किसान परेशान हैं। मरथुआ सरैया के किसान संतराम वर्मा, कटेहरी के रामपूजन, महरुआ के कार्तिकेय पांडेय, नीरज व संजीव मिश्र का कहना है कि इस समय यूरिया की सबसे ज्यादा जरूरत है।
धान रोपाई के एक सप्ताह बाद फसल में खाद की आवश्यकता होती है। अधिकांश किसान धान की रोपाई कर चुके हैं। अब फसल में यूरिया डाली जा रही है, लेकिन साधन सहकारी समितियों पर यूरिया ढूंढे नहीं मिल रही है। इससे किसानों को मजबूर होकर निजी दुकानदारों से अधिक दाम में यूरिया लेने के लिए विवश होना पड़ रहा है।
इन समितियों से यूरिया नदारद
बसखारी विकास खंड क्षेत्र में कुल नौ साधन सहकारी समितियां हैं। इसमें साधन सहकारी समिति बसखारी प्रथम, द्वितीय, सिंहपुर, तिलकारपुर आदि समितियों पर यूरिया उपलब्ध नहीं है। इसके अलावा साधन सहकारी समिति भीटी, साधन सहकारी समिति महरुआ, साधन सहकारी समिति पियारेपुर, साधन सहकारी समिति डोमनेपुर, साधन सहकारी समिति शमसुद्दीनपुर, साधन सहकारी समिति अजमेरी बादशाहपुर, साधन सहकारी समिति तुरसमपुर, दौलतपुर हाजलपट्टी, औरंगनगर, आशाजीतपुर, बेवाना, रामपुर सकरवरी व कुर्चा सहित दर्जनों समितियां ऐसी हैं, जहां यूरिया पिछले कई दिनों से नदारद है।
जल्द पहुंचाई जाएगी खाद
अयोध्या में यूरिया की रैक आज रात लगने की संभावना है। 1300 मीट्रिक टन इफ्को यूरिया जिले को आवंटित हुई है। जिन समितियों ने मांग भेजी है, वहां पर प्राथमिकता पर जल्द यूरिया पहुंचाई जाएगी। इसके लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित भी किया जा चुका है। किसानों को परेशान होने की जरूरत नहीं है।
पीयूष श्रीवास्तव, जिला कृषि अधिकारी