बसखारी (अंबेडकरनगर)। मशहूर शायर अनवर जलालपुरी की याद में रविवार रात हंसवर चौक पर अदबी दुनिया फाउंडेशन की ओर से कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इंसाफ टांडवी की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम में शिक्षक मोहम्मद असलम खान ने कहा कि अनवर जलालपुरी उर्दू शायरी के नगीना थे।
कहा कि उन्होंने अपनी शायरी को लफ्जों की जादूगरी से आजाद रखकर हमेशा समाज को एक बेहतरीन पैगाम दिया। श्रीमद्भागवत गीता को उर्दू शायरी में उतारने का मुश्किल काम उन्होंने कर दिखाया। उमर खय्याम की 72 रुबाइयों और टैगोर की गीतांजलि का भी बहुत आसान जुबान में उन्होंने तर्जुमा पेश किया था।
हसन वारसी किछौछावी ने कहा कि 35 साल कौमी व आलमी स्तर पर होने वाले कवि सम्मेलन और मुशायरों में अनवर जलालपुरी जरूरी हिस्सा हुआ करते थे। साबिर जलालपुरी, कमर जीलानी टांडवी, हसन वारसी किछौछवी, आमिर जलालपुरी, अहमद सईद टांडवी आदि ने श्रद्धांजलि अर्पित की।