अंबेडकरनगर। एकमात्र रेडियोलॉजिस्ट की इमरजेंसी में ड्यूटी लगने के चलते शनिवार को जिला अस्पताल में अल्ट्रासाउंड जांच पूरी तरह से ठप रही। इसका नतीजा यह रहा कि जिले के दूरदराज के क्षेत्र से जांच के लिए जिला अस्पताल पहुंचने वाले 35 मरीजों को मायूस होकर लौटना पड़ा।
जिला अस्पताल में निशुल्क अल्ट्रासाउंड कराने के लिए पहुंचने वाले मरीजों को झटका लग रहा है। अल्ट्रासाउंड के लिए जिला अस्पताल में एकमात्र रेडियोलॉजिस्ट डॉ. पीएन यादव की तैनाती है। जिला अस्पताल में ईएमओ का पद रिक्त है। ऐसे में अक्सर डॉ. पीएन यादव की ड्यूटी इमरजेंसी में लगा दी जाती है। इससे अल्ट्रासाउंड जांच ठप हो जाती है। शनिवार को फिर से उनकी ड्यूटी इमरजेंसी में लग गई। नतीजा यह हुआ कि अल्ट्रासाउंड का कक्ष खुला था, लेकिन जांच नहीं हो रही थी। इससे लगभग 35 मरीजों को मायूस होकर लौटना पड़ा।
सीएमएस डॉ. ओमप्रकाश ने कहा कि ईएमओ के स्वीकृत चार पदों की तुलना में मौजूदा समय में एक भी ईएमओ न होने के चलते ही रेडियोलॉजिस्ट की ड्यूटी इमरजेंसी में लगाई गई थी। इससे अल्ट्रासाउंड की जांच प्रभावित हुई।
मरीजों ने जताई नाराजगी
पत्नी के अल्ट्रासाउंड के लिए जिला अस्पताल पहुंचे जहांगीरगंज के तीमारदार राजेश कुमार ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि जांच के लिए सिर्फ तारीख पर तारीख ही मिलती है। कहा कि एक तो जांच के लिए लंबी तारीखें मिलती हैं, उस पर जब नंबर आता है, तो रेडियोलॉजिस्ट ही नहीं रहते। उकरा से आए गौतम चौहान व राजन सिंह ने कहा कि जांच का कार्य सुचारु रूप से हो सके, इसके लिए जिम्मेदारों को ठोस कदम उठाने चाहिए। रेडियोलॉजिस्ट के ड्यूटी पर चले जाने पर जांच का कार्य प्रभावित न हो, इसके लिए अतिरिक्त रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती होनी चाहिए।