बलरामपुर। सिविल जज जूनियर डिवीजन/जेएम उतरौला योगेश चौधरी ने मंगलवार को मारपीट व गाली-गलौज का दोषी मानते हुए दो लोगों को 35 वर्ष बाद न्यायालय उठने तक की सजा सुनाई है। उतरौला क्षेत्र के सुरैयादेवर निवासी समीउल्ला उर्फ कल्लू ने 27 जुलाई 1990 को एफआईआर दर्ज कराई थी। बताया कि महुआधनी निवासी विजयी व निब्बर ने मारीपीट, गाली-गलौज व जान से मारने की धमकी दी। पुलिस ने केस दर्ज किया। मामले विवेचना के बाद पुलिस ने आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। न्यायाधीश ने दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने और पत्रावली का अवलोकन करने के बाद विजयी व निब्बर को दोषी मानते हुए न्यायालय उठने तक कटघरे में खड़े रहने और अर्थदंड से भी दंडित किया है।