अंबेडकरनगर। अकबरपुर डिपो से प्रतिदिन सफर करने वाले करीब छह हजार यात्री एक बार फिर किराया वृद्धि की मार के लिए तैयार रहें। डीजल व सामग्रियों के दाम में हुई वृद्धि से रोडवेज बसों के संचालन से डिपो को हो रहे नुकसान की भरपाई के लिए इस बार निगम एक साथ 25 पैसे प्रति किलोमीटर की दर से बढ़ोत्तरी करने जा रहा है।
जल्द ही इसे अमल में लाने का निर्णय लिया जाएगा। ऐसे में लखनऊ जाने वाले यात्री को अब 53 रुपये तो प्रयागराज के लिए सफर करने पर 42 रुपये के अतिरिक्त किराए का भुगतान करना होगा। वहीं दिल्ली तक रोडवेज बस से यात्रा करने पर अब 901 रुपये की बजाए 1082 रुपये किराया देना होगा। अन्य शहरों के लिए भी इसी तरह जेब ढीली करनी होगी।
मौजूदा समय में अकबरपुर डिपो से 47 बसों का संचालन हो रहा है। इन बसों से हजारों यात्री प्रतिदिन अलग अलग स्थानों के लिए सफर करते हैं। लगातार बढ़ रहे डीजल के दाम व अन्य खर्च के चलते डिपो की आमदनी घट गई है। विभागीय सूत्रों के मुताबिक परिवहन निगम का राजकीय कोष घाटा बढ़ रहा है। इसके चलते निगम को अपनी जमा पूंजी से कर्मचारियों को वेतन व अन्य भुगतान करना पड़ रहा है।
घाटे को कम करने के लिए ही रोडवेज की बसें करीब नौ माह से निजी पेट्रोल पंपों से डीजल खरीद रही हैं। यहां पर उन्हें विभाग के पंप से सस्ता डीजल मिल रहा है। इससे भी प्रतिमाह लाखों रुपये की बचत हो रही है। परन्तु अब यात्री किराया बढ़ाकर निगम इस घाटे को और कम करने की पहल में जुट गया है। इससे अब रोडवेज बसों से सफर करना काफी महंगा हो जाएगा।
अकबरपुर के विनोद वर्मा का कहना है कि रोडवेज बसों में सफर करना वैसे भी मुश्किल भरा होता है। निगम को किराया बढ़ाने के साथ ही यात्री सुविधाओं का भी ध्यान देना चाहिए। जर्जर बसों से यात्रियों को सफर करने के लिए विवश होना पड़ता है। खिड़की, दरवाजे के साथ ही बसों की हालत भी ठीक रखनी चाहिए।
करमपुर निवासी वैभव सिंह उर्फ छोटू ने किराया बढ़ाए जाने की पहल पर नाराजगी जतायी। कहा कि सरकार को युवाओं व छात्रों का ख्याल रखना चाहिए। लखनऊ, प्रयागराज सहित अन्य दूर के क्षेत्रों में रहकर पढ़ाई करने वाले बच्चों के अभिभावकों पर इसका सीधा असर पड़ेगा। सरकार को छात्रों के लिए विशेष छूट की व्यवस्था करनी चाहिए।