आईएएस बनना चाहती हैं श्रेया
हाईस्कूल में 984 अंक हासिल कर प्रदेश में पांंचवां जबकि जिले में दूसरा स्थान हासिल करने वाली श्रेया मिश्रा का लक्ष्य आईएएस बनकर समाज सेवा करना है। नरवा पीतांबरपुर निवासी श्रेया के पिता गिरैयाबाजार में जनसेवा केंद्र का संचालन करते हैं जबकि मां कविता मिश्रा गृहिणी हैं। चितबहाल बालिका इंटर कॉलेज में हाईस्कूल उत्तीर्ण करने वाली श्रेया ने सफलता का श्रेय माता-पिता व गुरुजनों को देते हुए कहा कि शिक्षकों की बेहतर गाइडलाइन का ही नतीजा रहा कि मुझे बड़ी सफलता मिली है।
चिकित्सक बनना है सुमित का सपना
हाईस्कूल में 581 अंक हासिल कर प्रदेश में आठवां जबकि जिले की टॉप टेन की सूची में चौथा स्थान कब्जा करने वाले सुमित यादव ने सफलता का श्रेय अभिभावकों व गुरुजनों को दिया। कहा कि परीक्षा के समय उन्होंने मुझे जिस प्रकार से गाइड किया उसी का नतीजा रहा कि मुझे यह सफलता मिली है। कस्तूरीपुर निवासी सुमित चिकित्सक बनकर समाज की सेवा करना चाहते हैं। किसान पिता जितेंद्र व गृहिणी माता सुशीला ने पुत्र की सफलता पर खुशी का इजहार करते हुए कहा कि बेटे ने हम सभी को जो खुशियां प्रदान की हैं उसे शब्दों में नहीं बयां किया जा सकता है।
सौम्या का है आईएएस बनने का लक्ष्य
चितबहाल बालिका इंटर कॉलेज की कक्षा दस की छात्रा सौम्या प्रजापति ने 577 अंक हासिल कर जिले की टॉप टेन सूची में आठवां स्थान प्राप्त किया है। पखुआडीह अतरौलिया निवासी सौम्या आईएएस बनकर सेवा सेवा करने का लक्ष्य है। जहांगीरगंज में ग्राम पंचायत अधिकारी के पद पर तैनात पिता जितेंद्र प्रजापति व गृहिणी माता कुसुम प्रजापति ने बेटी की सफलता पर खुशी का इजहार किया। कहा कि हम सभी ने जो उम्मीदें लगा रखी थीं उस पर वह पूरी तरह से खरी उतरी है।
इंजीनियर बनना है रिया का सपना
प्रदेश की सूची में सातवां व जिले की टॉप टेन की सूची में तीसरा स्थान हासिल करने वाली रिया पटेल ने हाईस्कूल में 582 अंक हासिल किए हैं। इंजीनियर बनने का लक्ष्य लेकर आगे की पढ़ाई करने वाली मोहरई बरियावन निवासी रिया के पिता संजय कुमार किसान व गृहिणी माता बिंदू कुमारी ने कहा कि हम सभी को पूरी उम्मीद है कि जो लक्ष्य उसने बनाया है उसे जरूर पूरा करेगी। सरदार वल्ल्भ भाई पटेल बरियावन में शिक्षा हासिल करने वाली रिया ने सफलता का श्रेय माता पिता व परिजनों को दिया है।
श्रेया भी बनेंगी इंजीनियर
हाईस्कूल की परीक्षा में 581 अंक हासिल करने वाली श्रेया वर्मा को प्रदेश की टॉप टेन सूची में आठवां जबकि जिले की सूची में चौथा स्थान मिला है। अभिभावकों व गुरुजनों को सफलता का श्रेय देने वाली श्रेया का लक्ष्य इंजीनियर बनना है। मलपुरा बरियावन निवासी किसान पिता सुभाषचंद्र व गृहिणी माता रीता ने कहा कि बेटी की सफलता से हम सभी खुद को गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं। पूरी उम्मीद है कि सफलता को आगे भी वह जारी रखेगी।
आईएएस बन सेवा करेंगी सक्षम
हाईस्कूल में प्रदेश की टॉप टेन सूची में चौथा जबकि जिले में पहला स्थान हासिल करने वाली सक्षम तिवारी ने सफलता पर खुशी का इजहार करते हुए कहा कि यदि लक्ष्य को दृष्टिगत रखते हुए आगे बढ़ा जाए तो सफलता जरूर मिलेगी। परीक्षा के दौरान शिक्षकों द्वारा जो टिप्स दिए गए उससे भी सफलता हासिल हुई है। आईएएस बनकर समाज व देश की सेवा करने का सपना संजोने वाली गोविंद गनेशपुर अटिका निवासी सक्षम के पिता संतोष व माता वंदना तिवारी ने खुशी का इजहार करते हुए कहा कि इस सफलता से हम सभी को गर्व महसूस हो रहा है।
शैलीनंदा को बनना है चिकित्सक
इंटरमीडिएट में प्रदेश की टॉप टेन की सूची में आठवां जबकि जिले में दूसरा स्थान हासिल करने वाली शैलीनंदा को 480 अंक हासिल हुए हैं। चिकित्सक बनकर समाज व देश की सेवा करने का उद्देश्य लेकर आगे बढ़ने वाली शैलीनंदा ने कहा कि युवाओं को चाहिए कि वे एक लक्ष्य का निर्धारण कर आगे बढ़ें। बलरामपुर निवासी शैलनंदा के पिता सफाई कर्मचारी हैं जो संतकबीरनगर में तैनात हैं। मां ज्ञानमती गृहिणी हैं।
आईआईटी से इंजीनियरिंग करना अंशिका का सपना
इंटरमीडिएट में जिला टॉप करने वाली अंंशिका वर्मा को प्रदेश की सूची में पांचवां स्थान मिला है। 483 अंक हासिल करने वाली अंशिका आगे चलकर आईआईटी से इंजीनियरिंग करना चाहती हैं। कहा कि यदि लक्ष्य का निर्धारण कर आगे बढ़ा जाए तो सफलता जरूर हासिल होगी। सुड़ारी अफजलपुर निवासी पिता विनोद वर्मा किसान हैं जबकि माता सुमन वर्मा गृहिणी हैं। अंशिका ने सफलता का श्रेय माता, पिता व गुरुजनों को देते हुए कहा कि उनके बेहतर गाइडलाइन से ही सफलता हासिल हुई है।
आईएएस बन देश की सेवा कर हरिओम का सपना
480 अंक हासिल करने वाले इंटरमीडिएट के हरिओम पांडेय को प्रदेश की सूची में आठवां जबकि जिले की सूची में दूसरा स्थान मिला है। सिविल सर्विसेस की तैयारी कर रहे हरिओम ने कहा कि मुख्य उद्देश्य आईएएस बनना है। वीरसिंहपुर निवासी पिता ओमप्रकाश पांडेय किसान हैं जबकि माता सुमन पांडेय गृहिणी हैं। बेटे की सफलता पर खुशी का इजहार करते हुए कहा कि हम सभी को पूरी उम्मीद थी कि उसे बड़ी सफलता हासिल होगी।
अंकिता का सपना डॉक्टर बनना
480 अंक हासिल कर प्रदेश की सूची में आठवां जबकि जिले की सूची में दूसरा स्थान हासिल करने वाली अंकिता पटेल ने सफलता का श्रेय माता पिता व गुरुजनों को दिया है। मिर्जापुर मसेनापुर गांव निवासी अंकिता का उद्देश्य चिकित्सक बनना बनना है। पिता ओमप्रकाश किसान हैं जबकि माता लीलावती गृहिणी हैं।
सिविल सेवा में जाना चाहते शशिकांत
इंटरमीडिएट में 478 अंक हासिल कर प्रदेश की सूची में दसवां जबकि जिले में तीसरा स्थान हासिल करने वाले शशिकांत का उद्देश्य आईएएस बनना है। शशिकांत ने कहा कि किसी भी सफलता को हासिल करने के लिए एक लक्ष्य को निगाह में रखना जरूरी है। इसके अलावा दृढ़ इच्छाशक्ति का भी होना जरूरी है। यदि नियमित ढंग से शिक्षा हासिल की जाए तो सफलता जरूर मिलेगी। पिता शैलेष किसान हैं।