अंबेडकरनगर। 12 वर्ष पहले जहांगीरगंज थाना क्षेत्र में किशोरी के साथ सामूहिक दुष्कर्म मामले में अपर न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम सुशील कुमार ने तीन आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। सभी आरोपियों पर 50-50 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। घटना 21 मार्च 2011 की है।
जहांगीरगंज थाने में दर्ज कराए केस में वादी ने बताया था कि उसकी 14 वर्षीय पुत्री के साथ तीन आरोपियों ने दुष्कर्म किया। इसके बाद उसे जला दिया और तालाब में फेंक दिया। उसे गंभीर दशा में परिजनों ने अस्पताल में भर्ती कराया जहां बाद में मौत हो गई। पुलिस ने केस दर्ज कर तीन आरोपियों को जेल भेज दिया। बाद में इस मामले में न्यायालय ने एक और आरोपी को तलब करते हुए मामले में निरुद्ध कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजा।
इसी मामले में अब साक्ष्यों के अभाव में एक आरोपी जयंत को कोर्ट ने बरी कर दिया जबकि तीन आरोपियों कुंवर सिंह, पंचम यादव व अर्जुन राम को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। जज सुशील कुमार चतुर्थ ने आदेश में कहा कि अर्थदंड अदा न करने पर छह माह के अतिरिक्त सश्रम कारावास की सजा भुगतनी पड़ेगी।
अपहरण व दुष्कर्म में सात वर्ष की सजा
अंबेडकरनगर। छात्रा को बहला-फुसलाकर भगा ले जाने के आरोपी को विशेष न्यायाधीश पाॅक्सो एक्ट मोहन कुमार ने सात वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। उस पर अलग-अलग धाराओं में 16 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया। मामला छह वर्ष पहले आलापुर थाना क्षेत्र का है। एक महिला ने केस दर्ज कराकर कहा था कि वह अपनी बहन की 14 वर्षीय पुत्री को गोद लेकर पढ़ा रही थी। गांव का ही एक युवक संतोष उसे बहला-फुसलाकर भगा ले गया। पुलिस ने केस दर्ज कर बाद में किशोरी को खोज निकाला। साथ ही आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। चिकित्सीय परीक्षण में किशोरी से दुष्कर्म की पुष्टि हुई थी। अब इसी मामले में आरोपी को कोर्ट ने सजा सुनाई है।(संवाद)