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Ambedkar Nagar News: हाईवे पर कार की टक्कर से दो बहनों समेत तीन की माैत

Mon, 14 Oct 2024 01:01 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
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रानिका की फाइल फोटो।
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अंबेडकरनगर। नेशनल हाईवे पर शनिवार को अनियंत्रित तेज रफ्तार कार ने टांडा में दो सगी बहनों और एक दिव्यांग युवक को रौंद दिया। तीनों की मौके पर मौत हो गई। इससे नाराज ग्रामीणों ने मार्ग जामकर प्रदर्शन भी किया। बताया जाता है कि अयोध्या जनपद में रजिस्टर्ड पुरानी कार को खरीदने से पहले कारसवार तीन लोग ट्रेस्ट ड्राइव के लिए निकले थे।
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शनिवार दोपहर करीब पिपरी विशुनपुर के पास तेज रफ्तार कार एक बाइक सवार को बचाने के प्रयास में अनियंत्रित हो गई। विशुनपुर निवासी दिव्यांग हनुमान गुप्त (35) को रौंदते हुए कार डिवाइडर तोड़कर दूसरी लेन में पहुंच गई और वहां खड़ी विशुनपुर निवासी इंद्रजीत की दो पुत्रियों रानिका (18) और रागिनी (17) को भी चपेट में ले लिया। कार हाईवे के किनारे स्थित गड्ढे में जाकर रुकी। बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुई कार का चालक फरहान (24) निवासी मीरानपुरा टांडा भी गंभीर रूप से घायल हो गया।

दोनों बहनों और युवक को अस्पताल ले जाए जाने के बाद मृत घोषित कर दिया गया, जबकि कार चालक को राजकीय मेडिकल कॉलेज से ट्रॉमा सेंटर लखनऊ रेफर किया गया। उधर, घटना से नाराज ग्रामीणों ने नेशनल हाईवे जाम कर दिया।
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जिला पंचायत अध्यक्ष साधू वर्मा और सीओ टांडा शुभम कुमार ने मौके पर पहुंच कर लोगों को समझाया-बुझाया। इसके बाद लगभग एक घंटे बाद जाम खत्म हो सका। पुलिस ने युवतियों के पिता इंद्रजीत की तहरीर पर कार चालक के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।



दवा लेने जा रही थीं बहनें

दो सगी बहनों और एक दिव्यांग युवक की मौत के बाद शनिवार को नेशनल हाईवे पर जमकर हंगामा हुआ। आक्रोशित लोगों ने मार्ग जामकर नारेबाजी की। काफी मशक्कत के बाद लोगों का आक्रोश शांत हुआ। बताया जा रहा है कि दोनों बहनें दवा लेने टांडा जा रही थीं और वहां टैक्सी के इंतजार में खड़ी थीं।

घटना के बाद नाराज ग्रामीणों ने कार सवार लोगों की पिटाई भी की। इसी बीच पहुंची पुलिस टीम ने उन्हें बचाया। जिला पंचायत अध्यक्ष साधु वर्मा, एसडीएम डॉ. शशि शेखर, सीओ शुभम और कोतवाल दीपक सिंह रघुवंशी ने किसी तरह समझा बुझाकर जाम समाप्त कराया। इससे पहले एक घंटे से अधिक समय तक मार्ग जाम रहा।

सगी बहनों की मौत के बाद से पिता इंद्रजीत और मां करोड़ा देवी रो-रोकर बेहाल रहे। दो बड़ी बहनें सोनी और मोनी के अलावा 12 वर्षीय छोटे भाई सचिन भी रोते-बिलखते रहे। परिवार के कई सदस्यों की तबीयत भी इस हादसे के बाद बिगड़ गई है। इस बीच शव का अंतिम संस्कार भी कर दिया गया।

रानिका की फाइल फोटो।

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