अंबेडकरनगर। जिले की 77 ग्राम पंचायतों में पंचायत सहायक के पद लंबे समय से रिक्त हैं। इससे संबंधित ग्राम पंचायत में जनसेवा केंद्र का संचालन पूरी तरह से ठप है। ऐसे में लगभग ढाई लाख की आबादी को आय, निवास, जाति, जन्म, मृत्यु प्रमाणपत्र समेत कई अन्य प्रकार की योजनाओं के आवेदन के लिए इधर-उधर भटकने को मजबूर होना पड़ रहा है।
कई प्रकार के प्रमाणपत्र की सुचारु उपलब्धता के साथ ही ग्राम पंचायतों में अन्य कई प्रकार की योजनाओं के संचालन की जिम्मेदारी पंचायत भवन में तैनात पंचायत सहायकों पर होती है। ग्रामीणों को बेहतर सुविधा प्रदान करने के लिए ग्राम सचिवालय में जनसेवा केंद्र भी स्थापित किया जा रहा है जिसका संचालन पंचायत सहायक करते हैं।
इसके बावजूद पंचायत सहायकों की सभी ग्राम पंचायत में तैनाती को लेकर जिम्मेदार गंभीर नहीं हैं। अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि जिले की 77 ग्राम पंचायतों में लंबे समय से पंचायत सहायक के पद रिक्त चल रहे हैं। इसमें विकास खंड क्षेत्र अकबरपुर में 17, बसखारी में छह, भीटी में छह, भियांव में नौ, जहांगीरगंज में तीन, जलालपुर में 10, कटेहरी में नौ, रामनगर में पांच व टांडा में 12 ग्राम पंचायत शामिल हैं।
मालूम हो कि जिले में कुल 899 ग्राम पंचायतें हैं। इसमें 822 पर ही पंचायत सहायक की तैनाती है। 77 ग्राम पंचायतों में पंचायत सहायक न होने से जनसेवा केंद्रों का संचालन पूरी तरह ठप है। इससे प्रमाणपत्रों व योजनाओं में आवेदन करने के लिए ग्रामीणों को ब्लाॅक मुख्यालय से लेकर तहसील मुख्यालय तक की दौड़ लगानी पड़ रही है।
शासन को भेजा गया है पत्र
77 ग्राम पंचायतों में पंचायत सहायक के पद रिक्त हैं। इन पर तैनाती के लिए शासन को पत्र भेजा गया है। जल्द से जल्द यहां भी तैनाती हो जाएगी। इसके बाद व्यवस्थाएं सुचारु हो जाएंगी। - अवनीश कुमार श्रीवास्तव, डीपीआरओ