अंबेडकरनगर। उत्तर प्रदेश सेवानिवृत्त शिक्षक कल्याण समिति की बैठक शनिवार को बीएसए कार्यालय परिसर में हुई। इसमें जीवित प्रमाणपत्र जमा करने की प्रक्रिया को सरल बनाए जाने समेत कई अन्य मागों को लेकर आवाज बुलंद की गई। कहा गया कि महंगाई को देखते हुए न सिर्फ पेंशन में वृद्धि की जाए बल्कि समस्याओं का भी प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण किया जाए।
जिलाध्यक्ष रामआसरे विश्वकर्मा ने कहा कि एक नवंबर से सेवानिवृत्त कर्मचारियों को पेंशन का अनवरत लाभ लेने के लिए जीवित प्रमाणपत्र जमा करने की प्रक्रिया शुरू हो रही है। यह प्रमाणपत्र या तो जिला कोषागार में जमा होता है या फिर संबंधित बैंक में। दूरदराज के क्षेत्र से बुजुर्गों को जिला कोषागार तक आने में काफी दिक्कत होती है। बैंक में भी इसके लिए बार बार दौड़ाया जाता है। वक्ताओं ने कहा कि कभी कभी तो बैंक द्वारा प्रमाणपत्र जिला कोषागार को समय रहते उपलब्ध ही नहीं कराया जाता। इससे संबंधित की पेंशन रुक जाती है। ऐसे में बुजुर्गों के हित को देखते हुए जीवित प्रमाणपत्र जमा करने की प्रक्रिया को आसान बनाया जाए। सभी तहसील व ब्लाक मुख्यालय पर भी जीवित प्रमाणपत्र जमा कराए जाने की व्यवस्था की जाए।
रामरूप, राजेंद्र कुमार, हरिगोविंद, नरेंद्र बहादुर, विनोद कुमार, रामबली ने कहा कि भविष्य निधि की राशि को जिले में लाए जाने की मांग को पूरा नहीं किया जा रहा है। महंगाई को देखते हुए न तो पेंशन में वृद्धि हो रही और न ही समय पर भुगतान ही किया जाता है।