अंबेडकरनगर। घर-घर शुद्ध पेयजल पहुंचाने के लिए संचालित जलजीवन मिशन योजना जिले में मनमानी का शिकार है। 18 मई तक 23 राजस्व गावों में घर-घर पानी पहुंचाने का निर्देश था लेकिन 14 गांव में ही योजना का संचालन शुरू हो पाया है। संबंधित गावों में भी पूरी तरह अभी योजना सफल नहीं हो पाई है। नौ गावों में अभी प्रक्रिया चल रही है। काम में प्रगति धीमी होने के चलते दोनों कार्यदायी संस्थाओं को लेकर राज्य परियोजना निदेशालय को जिला प्रशासन ने पत्र भेजा हैै।
नगरीय क्षेत्र की तरह ग्रामीण क्षेत्र में रहने वाले लोगों को भी शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने की जलजीवन मिशन योजना का हाल अत्यंत बेहाल है। कार्यदायी संस्थाओं विंध्याटेली लिंक व वेलस्पेन की लापरवाही का नतीजा है कि अब तक एक भी गांव शत-प्रतिशत संतृृप्त नहीं हो सका है। 18 अप्रैल को योजना की समीक्षा में डीएम अविनाश सिंह ने दोनों कार्यदायी संस्थाओं को 18 मई तक 23 राजस्व गावों में जलापूर्ति शुरू करने के लिए निर्देशित किया था। इसमें विंध्याटेली लिंक को 10 व वेलस्पेन को 13 गावों में पानी सप्लाई शुरू करवानी थी।
लापरवाही का आलम यह कि अब तक मात्र 14 गावों में ही जलापूर्ति शुरू की जा सकी है। इसमें विंध्याटेली लिंक ने छह जबकि वेलस्पेन ने आठ राजस्व गावों में जलापूर्ति शुरू कर देने का दावा किया है। इसमें इसमें भी कहीं ओवरहेड टैंक नहीं बना है तो कहीं अन्य कार्य अधूरे पड़े हैं। इससे संबंधित गावों के लोगों को बेहतर ढंग से शुद्ध पेयजल नहीं मिल रहा है।
1575 में कुल 77 गांवों को मिला शुद्ध पेयजल
जलापूर्ति लगभग दो वर्ष पहले जलजीवन मिशन योजना की शुरुआत हुई थी। इसके तहत जिले के कुल 1575 राजस्व गावों में घर-घर शुद्ध पेयजल पहुंचाया जाना है। मार्च 2024 तक सभी गांवों को योजना से पूरी तरह संतृप्त करने का निर्देश है। कार्यदायी संस्था वेलस्पेन को 243 व विंध्याटेली लिंक को 1332 राजस्व गांवों की जिम्मेेदारी दी गई है। अब तक मात्र 77 राजस्व गांवों में ही जलापूर्ति आधी-अधूरी तैयारियों के बीच शुरू की जा सकी है। इसमें वेलस्पेन द्वारा 45 तो विंध्या टेलीलिंक द्वारा 32 गांव में ही जलापूर्ति शुरू की जा सकी है।
गड्ढे बन रहे हादसों का सबब
योजना के तहत घर-घर शुद्ध पेयजल पहुंचाने के लिए अंडर ग्राउंड पाइपलाइन बिछाई जा रही है। कार्यदायी संस्थाएं लापरवाही बरतते हुए पाइपलाइन बिछाकर गड्ढों को दुरुस्त नहीं करा रही हैं। यह गड्ढे दुर्घटना का सबब बन रहे हैं। सोनगांव के ग्रामीणों ने बीते दिनों ही एसडीएम सदर से शिकायत दर्ज कराई थी कि अर्धनिर्मित सड़क के किनारे पाइपलाइन के लिए गड्ढा खोद दिया गया है। इससे इसमें गिरकर लोग घायल होते रहते हैं। भगवानपुर गांव के ग्रामीणों ने जलनिगम के अधिशासी अभियंता से शिकायत दर्ज कराई थी कि पाइपलाइन के लिए इंटरलाॅकिंग सड़क के बीचोबीच गड्ढा खोद दिया गया है। इससे आवागमन प्रभावित हो रहा है।
निदेशालय को भेजा गया पत्र
कार्यदायी संस्थाओं की शिथिलता के संबंध में डीएम अविनाश सिंह के निर्देश पर बीते दिनों ही राज्य निदेेशालय को पत्र भेजा गया है। संस्थाओं को निर्देशित किया गया है कि काम में तेजी लाई जाए। इसके बाद भी सुधार न हुआ तो आगे समुचित निर्णय लिया जाएगा। - सूरज वर्मा, अधिशासी अभियंता जलनिगम