अंबेडकरनगर। रमजान माह में जिले के बुनकरों को राज्य सरकार ने बड़ी खुशी दी है। फ्लैट रेट पर बिजली उपलब्ध कराने की मांग पूरी होने का लाभ लगभग एक लाख पावरलूम से जुड़े सवा तीन लाख बुनकर परिवारों को मिला है। बुनकरों ने इस निर्णय का बढ़-चढ़कर स्वागत किया है।
वस्त्र उद्योग के लिए अंबेडकरनगर जनपद की ख्याति दूर-दूर तक है। यहां के बने कपड़ों की डिमांड विदेशों तक में है। टांडा टेरीकाॅट के नाम से प्रसिद्ध रहे वस्त्र उद्योग में अब यहां काॅटन व अन्य तरह के भी कपड़े बनने लगे हैं। वस्त्र उद्योग को बढ़ावा देने के लिए पूर्व में यहां बुनकरों को फ्लैट रेट पर बिजली की सुविधा दी जा रही थी। बीते कुछ समय से इस सुविधा को बंद कर दिया गया जिसके बाद से बुनकरों द्वारा लगातार आंदोलन किया जा रहा था। कई प्रतिनिधिमंडल ने न सिर्फ अंबेडकरनगर बल्कि अन्य जनपदों से भी मुख्यमंत्री तथा अन्य मंत्रियों व शासन के अफसरों से मुलाकात कर फ्लैट रेट पर बिजली की मांग की थी।
अब शासन ने इस मांग को पूरा करने की हरी झंडी दे दी है। बीते दिन देर शाम जैसे ही यह खबर बुनकरों को मिली उनमें खुशी की लहर दौड़ गई। बुनकर एकता विकास समिति के अध्यक्ष मोहम्मद कासिम अंसारी ने कहा कि राज्य सरकार का यह निर्णय अत्यंत दूरगामी परिणाम वाला है। अब बुनकरों को फिर से बड़ी राहत मिली है। बुनकर फेडरेशन के अध्यक्ष नदीम अंसारी, खुर्शीद, हाजी कौसर, सरफराज, हाजी हेलाल व वसीम आदि ने अटल बिहारी बाजपेई पावरलूम बुनकर विद्युत फ्लैट रेट योजना का स्वागत करते हुए कहा कि यह निर्णय वस्त्र उद्योग को बड़ी राहत प्रदान करेगा। बुनकरों ने डीएम अविनाश सिंह को भी बधाई देते हुए कहा कि उनकी तरफ से किए गए प्रयासों ने भी असर दिखाया है।
यह हैं बुनकर बाहुल्य क्षेत्र
जिले में कुल एक लाख के करीब पावरलूम स्थापित हैं। अकबरपुर नगर के अलावा टांडा, इल्तिफातगंज, हंसवर, हीरापुर, भूलेपुर, बसखारी, किछौछा, जलालपुर, मिझौड़ा, नरियांव, जहांगीरगंज आदि क्षेेत्रों में पावरलूम स्थापित हैं। इनसे बड़ी तादाद में पावरलूम संचालक व बुनकर मजदूर आदि जुड़े हुए हैं। बड़े पैमाने पर पावरलूम को देखते हुए ही बीते दिनों जिले को एक जनपद एक उत्पाद योजना के तहत वस्त्र उद्योग के रूप में चुना गया है।
इस तरह मिलेगी छूट
बुनकरों के अनुसार फ्लैट रेट की सुविधा एक अप्रैल 2023 से मानी जाएगी। इसमें आधा हार्स पावर से ग्रामीण क्षेत्र में चलने वाले पावरलूम संचालकों को 300 रुपये प्रतिमाह व नगरीय क्षेत्र में आधा हार्स पावरलूम संचालकों को 400 रुपये का भुगतान करना है। एक हार्स पावर तक के ग्रामीण क्षेत्र के पावरलूम संचालकों को 600 रुपये तथा नगरीय क्षेत्र के पावरलूम संचालकों को 800 रुपये का भुगतान करना होगा। पांच हार्स पावर तक के कुल बिजली क्षमता वाले बिजली कनेक्शन पर यह सुविधा रहेगी।