अंबेडकरनगर। कलेक्ट्रेट सभागार में शनिवार को जिला प्रशासन की ओर से विभिन्न बोर्ड के कक्षा 10 और 12 के 29 मेधावी छात्र-छात्राओं सम्मानित किया गया। डीएम ने मेधावियों को निरंतर प्रयास करते रहने का संदेश दिया। कहा कि जीवन में कठिन परिश्रम का कोई विकल्प नहीं होता है। कहा प्रतिभा किसी संसाधन की मोहताज नहीं है। इस मौके पर प्रदेश की मेरिट सूची के 23 मेधावी छात्र-छात्राओं को एक-एक लाख रुपये व जिला स्तरीय मेरिट के 6 मेधावियों को 21-21 हजार रुपये का डेमो चेक दिया गया। साथ ही मोबाइल व टैबलेट भी दिए गए।
डीएम ने कहा कि मन में ठान लेने पर किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है। मेधावी विद्यार्थियों में छात्राओं की संख्या अधिक होने पर वे बोले कि छात्रोंं को बेटियों से सीख लेने की जरूरत है। मेधावियों को टैबलेट देते हुए उन्होंने कहा कि मोबाइल व टैबलेट का प्रयोग केवल शिक्षा ग्रहण करने के लिए ही करें। अक्सर बच्चे मोबाइल पाने के बाद इधर-उधर बात करने के साथ ही सोशल मीडिया व ऑनलाइन चैटिंग में व्यस्त होकर अपनी पढ़ाई पर ध्यान नहीं देते हैं, ऐसा कतई न करें। इसका प्रयोग शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए करें।
एडीएम डॉ. सदानंद गुप्त ने कहा कि शिक्षा ऐसा रास्ता है जिस पर चलकर एक मजदूर का बेटा भी जिले की सबसे बड़ी कुर्सी पर बैठने के काबिल बन जाता है। सभी मेधावियों के साथ ही उनके अभिभावक और शिक्षकों को भी शुभकामनाएं दीं।
जिला विद्यालय निरीक्षक गिरीश कुमार सिंह ने कहा कि कहा कि पहले बोर्ड परीक्षाओं का परिणाम देरी से आता था। इस बार एक माह में परीक्षा कराने के साथ ही 15 दिन के भीतर परिणाम घोषित कर दिए गए। सभी केंद्रों पर पारदर्शिता से परीक्षा कराई गई। कहीं से भी कोई नकल की शिकायत उच्चाधिकारियों को नहीं मिली। अंक पत्र जल्दी मिलने से विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा में दाखिले के लिए दिक्कतों को सामना भी नहीं करना पड़ा।
इससे पहले मुख्य अतिथि जिला पंचायत अध्यक्ष साधू वर्मा ने कहा जिले के मेधावी पूरे प्रदेश में जनपद का नाम रोशन कर रहे हैं। सभी को अपने बच्चों को बेहतर शिक्षा देने के लिए कटिबद्ध होना पड़ेगा। अभिभावक से अपील की कि कम रोटी खाएं, लेकिन बच्चों को जरूर पढाएं। छात्रों से कहा कि शिक्षा ही एक ऐसा माध्यम है। जिस पर चलकर आप कलेक्टर समेत अन्य अधिकारी बन अपने जिले व परिवार का नाम रोशन कर सकते हैं। कार्यक्रम का संचालन डाॅ. प्रियंका तिवारी ने किया। इस दौरान सीडीओ अनुराज जैन, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, तारा वर्मा, राजेश, सावित्री देवी, सुमित्रा देवी आदि मौजूद रहीं।
आईएएस बन करना है सेवा
कार्यक्रम में सम्मानित होने पर बहुत ही गर्व महसूस कर रही हूं। भविष्य में आईएएस बनकर देश सेवा करना चाहती हूं।
- रुनझुन पटेल
सम्मान पाकर मिली खुशी
सम्मान समारोह में सम्मान पाना ही अपने आप में एक उपलब्धि है। मेरा हमेशा प्रयास रहेगा कि मैं अपने माता-पिता का नाम रोशन करती रहूं। मैं भविष्य में सिविल सेवा के माध्यम से देश की सेवा देना चाहती हूं।
- हिमांशी
सिविल सेवा में जाना है सपना
अपने माता-पिता और गुरुजनों के आशीर्वाद से यह सफलता हासिल हुई है। भविष्य में बीटेक के बाद यूपीएससी की परीक्षा में सफल होकर आईएएस बनना मेरा सपना है।
- हिमांशु प्रजापित
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लक्ष्य हासिल करने तक करूंगी परिश्रम
मेरा सपना भविष्य में आईएएस बनकर देश सेवा करना है। जिसके लिए मैं लगातार प्रयासरत हूं। यह मेहनत लगातार जारी रहेगी जब तक कि मैं अपने लक्ष्य को प्राप्त नहीं कर लेती।
- इकरा नाज
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सम्मान पाकर हो रहा गर्व
सम्मान समारोह में सम्मानित होना ही अपने आप में एक उपलब्धि है। मेरा हमेशा प्रयास रहेगा कि मैं अपने माता-पिता का नाम रोशन करता रहूं। मैं भविष्य में अध्यापक बनकर देश को अपनी सेवा देना चाहता हूं।
- अरुण गौड़