अंबेडकरनगर। पवित्र रमजान के अंतिम दौर में ईद पर्व का उल्लास चहुंओर दिखने लगा है। कपड़े, सौंदर्य सामग्री जूता, चप्पल के अलावा सेवई की खरीदारी में तेजी आई है। बड़ी संख्या में खरीदारों के पहुंचने से बाजारों में रौनक बढ़ गई है। कपड़ों व पर्व से संबंधित कई सामग्रियों के दाम में विगत वर्ष की तुलना में औसतन 15 प्रतिशत तक की वृद्धि हुई है लेकिन दुकानदारों के अनुसार इसका खरीदारी पर किसी भी प्रकार का प्रभाव नहीं पड़ रहा है।
चांद निकलने के आधार पर 22 या फिर 23 अप्रैल को ईद पर्व मनाया जाएगा। इसे लेकर तैयारियां तेज हो गईं हैं। लगभग पूरे दिन बाजारों में खरीदारी के लिए लोगों के पहुंचने का सिलसिला जारी है। इस बार पाकिस्तानी व नायरा सूट की खरीदारी महिलाएं जहां बढ़-चढ़कर कर रही हैं तो वहीं कढ़े हुए गरारा व शरारा की भी जमकर बिक्री हो रही है। शहजादपुर के कपड़ा व्यवसायी हाजी जमाल ने बताया कि सूट जहां दो हजार से चार हजार में बिक रहा है तो वहीं लगभग 10 हजार में गरारा व शरारा बिक रहा है। इसके अलावा बनारसी साड़ी की मांग भी है जो दो हजार से दस हजार में बिक रहीं हैं। गर्मी को देखते हुए चिकन व सिल्क के भी सूट की खरीदारी महिलाएं कर रही हैं।
रेडीमेड कपड़ा दुकानदार नाजिम अली ने बताया कि कुर्ता की खरीदारी युवक बढ़-चढ़कर कर रहे हैं। कोलकाता, दिल्ली व लखनऊ के कुर्ते अपनी धमक बाजार में बनाए हुए हैं। कहा कि कपड़ों के दाम में लगभग 15 प्रतिशत की वृद्धि हुई है लेकिन इसका खरीदारी पर कोई असर नहीं पड़ रहा है।
सेवईं की भी सज गईं दुकानें
शहजादपुर के सेवईं विक्रेता मोहम्मद उस्मान ने कहा कि सादी सेवई 80 रुपये प्रति किग्रा., लच्छेदार सेवई 100 रुपये प्रति किग्रा. में बिक रही है तो सर्वाधिक बनारसी सेवई 120 रुपये में बेची जा रही है। छड़ वाली सेवई की कीमत 60 रुपये प्रति किग्रा. है। फेनी सेवई 100 रुपये प्रति किग्रा. में बिक रही है। इसके अलावा पापड़, चिप्स की भी बढ़ चढ़कर लोग खरीदारी कर रहे हैं।