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सूखे के हालात पर सर्वेक्षण रिपोर्ट बनाने में जुटी टीमें

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अंबेडकरनगर। मौसम की बेरुखी से परेशान किसानों को सूखाग्रस्त जिला घोषित होने पर ही बकाया राजस्व की वसूली से राहत के साथ अन्य तरह की मदद मिल सकेगी। इसके लिए शासन के निर्देश पर जिला व तहसील स्तर पर गठित राजस्व टीमें हालात का सर्वेक्षण करने की कवायद में जुट गई है।
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तैयार सर्वे रिपोर्ट शासन को 12 सितंबर तक उपलब्ध करायी जानी है। कृषि विभाग द्वारा बारिश को लेकर जुटाए गए आंकड़े बताते हैं कि एक जून से आठ सितंबर तक जिले में औसतन होने वाली 747.8 मिलीमीटर बारिश की जगह महज 391.3 मिलीमीटर बरसात ही हुई है। यह सामान्य बारिश का महज 52.4 प्रतिशत ही है। ऐसे में धान किसानों को अपनी फसल को सूखे से बचाने में तमाम तरह की परेशानियां उठानी पड़ रही है।
बरसात के शुरुआती दौर से ही इस बार मौसम की बेरुखी किसानों पर भारी पड़ी है। इस दौरान उम्मींद से भी कम हुई बारिश के कारण किसानों के हाथ सिर्फ मायूसी ही लगी है। जिले में करीब 1.14 लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल में चार लाख से अधिक किसानों ने धान की रोपाई की है। पर्याप्त बारिश न होने से इन किसानों की मुश्किलें बढ़ गयी है। औसत से भी कम बारिश होने के कारण इस बार जिले में सूखे जैसे हालात बने हुए हैं।
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किसान संगठनों की तरफ से भी जिले को सूखाग्रस्त घोषित किए जाने की मांग अब जोर पकड़ने लगी है। स्थिति को देखते हुए शासन स्तर से भी जिले में औसत से कम हुई बारिश के कारण किसानों की फसल पर पड़े रहे प्रभाव की एक सर्वेक्षण रिपोर्ट भी तलब की है।
इसके दृष्टिगत ही डीएम सैमुअल पॉल एन के निर्देश पर जिला व तहसील स्तर पर अलग अलग बैठकों का दौर भी शुुरू हो गया है। अकबरपुर सदर एसडीएम पवन जायसवाल ने बताया कि बैठक कर तहसील के सभी लेखपालों को प्रारूप 11 सौंप दिया गया है। इसमें फील्ड सर्वे के माध्यम से लेखपाल को जरूरी जानकारी भरकर उपलब्ध कराना होगी। इसके बाद इसे पोर्टल पर फीड कराने का कार्य होगा।
जिले में एडीएम, तहसील में एसडीएम प्रभारी
जिला कृषि अधिकारी पीयूष राय ने बताया कि शासन के निर्देश पर जिला स्तरीय टीम का अध्यक्ष अपर जिलाधिकारी को बनाया गया है। इसके अलावा जिला उद्यान अधिकारी, उपनिदेशक कृषि, जिला कृषि रक्षा, जिला गन्ना अधिकारी, कार्यकारी अधिकारी मत्स्य, अधिशासी अभियंता सिंचाई खंड बतौर सदस्य टीम में शामिल रहेंगे। तहसील स्तरीय टीम का नेतृत्व उपजिलाधिकारी करेंगे। उनके सहयोग में तहसीलदार, उपसंभागीय कृषि प्रसार अधिकारी, सहायक विकास अधिकारी, सहायक विकास अधिकारी कृषि व गन्ना निरीक्षक टीम में शामिल होंगे। दोनों गठित टीमें 12 सितंबर तक समूचे जिले के हालात का सर्वेक्षण कर अपनी रिपोर्ट ऑन लाइन पोर्टल पर दर्ज करेगी।
जिले को सूखाग्रस्त घोषित करने की मांग
भितरीडीह निवासी किसान मनोज कुमार, बेवाना के श्रीराम, महरुआ के रामबख्श सिंह, कटरिया के रामजीत जायसवाल, हंसवर के किसान वफा अंसारी आदि ने जिले को सूखाग्रस्त घोषित किए जाने की मांग की है। मौसम की बेरुखी के कारण मुसीबत झेल रहे धान किसानों को इसी से कुछ हद तक राहत मिल सकेगी। बारिश न होने कारण किसानों को धान फसल की सिंचाई में भी काफी दिक्कत हो रही है। इस लिए सरकार जिले को सूखाग्रस्त घोषित करने के साथ ही किसानों को मुफ्त बिजली व कर्जा माफी की सुविधा भी मुहैया कराए।
जिले में औसत से भी कम हुई बारिश के हालात पर सर्वे रिपोर्ट तैयार करायी जा रही है। इसके लिए सभी तहसील स्तरीय अधिकारियों को निर्देशित किया गया है। जिला स्तरीय टीम भी सर्वेक्षण कार्य में जुटायी गयी है। रिपोर्ट के आधार पर शासन का जो भी निर्देश होगा उसका अनुपालन सुनिश्चित कराया जाएगा।
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अशोक कुमार कनौजिया एडीएम
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