अंबेडकरनगर। शिक्षा क्षेत्र कटेहरी व रामनगर में बेसिक शिक्षा विभाग की तरफ से तीन दिवसीय टीएलएम (टीचिंग लर्निंग मटेरियल) कार्यशाला का समापन शनिवार को हुआ। इसमें हिस्सेदारी कर रहे शिक्षकों को बताया गया कि बच्चों के शिक्षण को प्रभावी बनाने के लिए कहानी व चित्रों की मदद लेना बेहतर होता है। इसके माध्यम से बच्चों को कोई भी पाठ सरल भाषा में आसानी से समझाया जा सकता है।
कटेहरी बीआरसी परिसर में विभिन्न परिषदीय स्कूलों से पहुंचे शिक्षकों ने टीएलएम को लेकर तैयार शिक्षण सामग्री का प्रदर्शन किया। खंड शिक्षा अधिकारी सबिस्ता परवीन ने इसका जायजा लेते हुए शिक्षकों के प्रयासों की सराहना की। कहा कि बच्चों को रुचिकर शिक्षा देने के लिए नए अभिनव प्रयोग जारी रखे जाने चाहिए।
इसके लिए चार्ट, कहानी, चित्र एवं अन्य विधियों के माध्यम से उन्हें शिक्षा देना काफी कारगर साबित होगा। प्रशिक्षक लालजी वर्मा, अवधेश व गुलाबचंद्र ने शिक्षकों को बताया कि कैसे अलग अलग कक्षा के बच्चों को प्रभावी तरह से पढ़ाया जा कता है।
रामनगर शिक्षा क्षेत्र में भी टीएलएम कार्यशाला में छह न्याय पंचायतों के शिक्षकों ने प्रतिभाग किया। एआरपी राकेशमणि त्रिपाठी व त्रिशूलधारी ने वीडियो क्लिप व प्रस्तुतिकरण के जरिए शिक्षकों को शिक्षण से जुड़े कई तरह के कार्यों के बारे में जानकारी दी।
प्रशिक्षक सुहेल अहमद खान, सूर्यप्रकाश गांधी, रामबिलास यादव, विनोद कुमार, तिलकराम, अवधेश मौर्य एवं कृष्ण प्रताप ने कहा कि प्रशिक्षण में मिली जानकारी का सदुपयोग बच्चों को पढ़ाने के दौरान किया जाए।
भियांव विकास खंड में शनिवार को निपुण लक्ष्य कार्यशाला में मुख्य अतिथि डायट प्राचार्य मनोज गिरि ने कक्षा एक से तीन तक के बच्चों को गणित की शिक्षा बेहतर ढंग से देने पर जोर दिया।