जलालपुर के अमोला बुजुर्ग में बिजली पोल पर गिरा पेड़।
अंबेडकरनगर। जिले में तेज हवाओं के साथ हुई बारिश ने लगभग पांच लाख आबादी को बृहस्पतिवार पूरी रात अंधेरे में रखा। कहीं तार टूटने तो कहीं खंभा गिरने के साथ ही उपकेंद्रों में आई गड़बड़ी ने उपभोक्ताओं को बिजली से वंचित कर दिया। 12 घंटे से लेेकर 20 घंटे तक बिना बिजली के ज्यादातर उपभोक्ताओं को रहना पड़ा।
बारिश का कहर सिर्फ खेतों व घरों में जलभराव आदि के तौर पर ही सामने नहीं आया। शहरी व ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति पर इसका बड़ा असर देखने को मिला। मरैला उपकेंद्र से शहजादपुर को आने वाली लाइन में बृहस्पतिवार रात दस बजे करीब गड़बड़ी हो गई। इससे आधा दर्जन मोहल्लों की बिजली आपूर्ति पूरी रात ठप रही। सुबह दस बजे के बाद आपूर्ति बहाल हो पाई। इसी उपकेंद्र से ग्रामीण क्षेत्र को होने वाली आपूर्ति दोपहर बाद बहाल हुई। जमुनीपुर फीडर से जुड़े उपभोक्ताओं की बिजली रात आठ बजे ही ठप पड़ गई। जो पूरी रात बहाल नहीं हुई।
जाफरगंज स्थित बेलऊवा उपकेंद्र के अलग-अलग फीडरों पर शाम पांच बजे से लेकर रात आठ बजे के बीच बिजली आपूर्ति ठप हो गई। इसके बाद उपभोक्ताओं को पूरी रात बिजली नहीं मिल पाई। यही हाल महरुआ उपकेंद्र का रहा। इससे जुड़े सभी उपभोक्ताओं को पूरी रात बिना बिजली के गुजारना पड़ा। जहांगीरगंज फीडर के उपभोक्ताओं को 10 घंटे तक बिजली से वंचित रहना पड़ा। भीटी सेनपुर, रफीगंज उपकेंद्र भी बृहस्पतिवार शाम ब्रेकडाउन हो गया। बसखारी उपकेंद्र से जुड़े उपभोक्ताओं को भी पूरी रात बिजली नहीं मिल पाई। न्यौरी में बिजली खंभे व तार पर पेड़ गिर जाने से आपूर्ति ठप रही। यही हाल टांडा, न्यौरी, कटेहरी व आलापुर आदि क्षेत्रों का भी रहा। बरवां बैरमपुर से जुड़े उपभोक्ताओं को भी रात के अलावा शुक्रवार दिन में बिजली संकट का सामना करना पड़ा। अकबरपुर नगर के पटेलनगर में ट्रांसफार्मर जल जाने से उपभोक्ता पूरी रात बिना बिजली के रहे। जिले के सभी क्षेत्रों में इस तरह लगभग पांच लाख उपभोक्ता बिना बिजली के रहे। अधीक्षण अभियंता गिरीश नारायण मिश्र ने बताया कि ज्यादातर क्षेत्रों में आपूर्ति बहाल कर दी गई है।
पेयजल संकट से भी जूझे लोग
शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में पहले पूरी रात, इसके बाद शुक्रवार दिन में भी बिजली जल्दी बहाल न होने पर हजारों लोगों को पानी के संकट से जूझना पड़ा। सबसे ज्यादा दिक्कत शहरी क्षेत्र में हुई। अकबरपुर नगर के शहजादपुर में लोगों को आसपास के घरों में लगे हैंडपंप की मदद लेनी पड़ी। जिन घरों में जनरेटर की सुविधा है वहां से भी पानी का प्रबंध तमाम नागरिकों ने किया।