श्रवणक्षेत्र मेले में सोमवार को झूले का लुत्फ उठाते मेलार्थी। -संवाद
- फोटो : AMBEDKAR NAGAR
श्रवणक्षेत्र (अंबेडकरनगर)। मातृ पितृ भक्ति के प्रतीक श्रवण कुमार की तपोस्थली पर पांच दिवसीय मेला सोमवार को पूजन अर्चन के साथ संपन्न हो गया।
मेला समापन मौके पर मंदिर परिसर में जुटे साधू संतों के साथ ही भक्तों ने भी पूरे विधि विधान के साथ संगम क्षेत्र में मत्था टेका। इस दौरान मेला क्षेत्र में जुटी भीड़ से दुकानदारों के चेहरे भी खिले दिखे। लोगों ने अंतिम दिन मेले में खूब बढ़चढ़ कर खरीददारी की।
श्रवण क्षेत्र मेले में अंतिम दिन सोमवार को सुबह से ही संगम क्षेत्र में स्नान पूजन के साथ मेला घूमने के लिए आने वालों का सिलसिला शुरू हो गया जो दोपहर बाद तक कायम बना रहा। मातृ-पितृ भक्ति के प्रतीक श्रवण कुमार की तपोस्थली में चल रहे पांच दिवसीय मेले में अंतिम दिन अव्यवस्था का माहौल कायम रहा।
मेलार्थियों को शुद्ध पेयजल तक के लिए भटकना पड़ा। पानी के लिए न तो मेला परिसर में पर्याप्त हैंडपंप थे और न ही वहां वाटर टैंकर की कोई व्यवस्था दिखी। मेला परिसर में साफ-सफाई न होने से दुकानों के आस-पास फैली गंदगी से सभी लोग खूब परेशान भी हुए।
इस दौरान मंदिर परिसर में पूजा पाठ के साथ दिन भर कीर्तन का दौर भी चलता रहा। मेले में पहुंचे लोगों ने भी मनोरंजन के संसाधनों का जमकर लुत्फ उठाया। बड़े झूलों का जहां बच्चों समेत युवाओं ने आनंद उठाया तो मड़हा व बिसुही नदी के संगम में मोटर बोटिंग के अलावा सर्कस व मिकी माउस झूले पर भी खूब भीड़ रही।
मेला समाप्ति पर ग्राम प्रधान शकुंतला देवी ने मेला आयोजन के सकुशल समापन पर आयोजन में सहयोग के लिए सभी का आभार भी जताया।