अकबरपुर में रैली निकालते शिक्षामित्र।
अंबेडकरनगर। उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षामित्र संघ के आह्वान पर रविवार को शिक्षामित्रों ने जिला मुख्यालय पर रैली निकाली। इसके बाद प्रधानमंत्री को संबोधित सात सूत्रीय ज्ञापन सांसद के प्रतिनिधि को सौंपा। कहा कि 22 वर्ष से मामूली मानदेय पर बच्चों को पढ़ा रहे शिक्षामित्र के भविष्य की तरफ ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
संघ जिलाध्यक्ष विजयदीप सिंह ने कहा कि शिक्षामित्र गरीब व वंचित वर्ग के बच्चों को शिक्षा दे रहे हैं। प्रदेश में करीब 1.5 लाख शिक्षामित्र मामूली मानदेय पर स्कूलों में पढ़ा रहे हैं। मामूली मानदेय में शिक्षामित्र अपने बच्चों की पढ़ाई व परिवार की दूसरी जरूरतों को पूरा नहीं कर पा रहे हैं। शिक्षामित्र आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं।
संघ के अन्य पदाधिकारियों ने कहा कि आर्थिक कारणों से शिक्षामित्र मानसिक रूप से परेशान हैं। उन्हाेंने नियमावली में संसोधन कर शिक्षामित्रों को समायोजित किया जाए। 62 वर्ष तक की सेवा सुरक्षित करने, मृतक शिक्षामित्रों को आर्थिक मदद देने के साथ टेट उत्तीर्ण शिक्षामित्रों को सहायक अध्यापक पद पर तैनात करने की मांग की।
शिक्षामित्रों ने कहा कि सितंबर माह में समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो अक्तूबर में शिक्षामित्र अपनी पीड़ा मुख्यमंत्री को सुनाने के लिए लखनऊ में डेरा डालेंगे। इससे पहले अकबरपुर ब्लॉक से बसपा सांसद रितेश पांडेय के आवास तक रैली निकली। रैली में संरक्षक शशांक यादव, दीपिका त्रिपाठी, अरुण यादव, आज्ञाराम, ज्ञानप्रकाश तिवारी, पूनम सिंह, रामसुभग वर्मा आदि मौजूद रहे।