महरुआ (अंबेडकरनगर)। स्थानीय थाना क्षेत्र के सिलावट गांव में चल रही सात दिवसीय रामलीला के दूसरे दिन कलाकारों ने ताड़का वध, सीता स्वयंवर आदि प्रसंगों का मंचन किया। इस दौरान ताड़का वध व सीता स्वयंवर में कलाकारों के उत्कृष्ट प्रदर्शन को देखकर दर्शक झूम उठे। इस दौरान धनुष के टूटने पर क्रोध में पहुंचे परशुराम व लक्ष्मण का संवाद भी सभी को बहुत भाया।
मंचन में दिखाया गया कि राक्षसों के उत्पात से परेशान गुरु विश्वामित्र यज्ञ की रक्षा के लिए राम व लक्ष्मण को अपने साथ लेकर आते हैं। कुटी पर जाते समय रास्ते में ही राम ताड़का राक्षस का वध करते हैं। इसके बाद निमंत्रण पर गुरु विश्वामित्र राम लक्ष्मण के साथ मिथिला जाते हैं। दोनों भाई गुरु की आज्ञा पर जनक वाटिका से पुष्प चुनने के लिए जाते हैं।
उसी समय सीता भी अपनी सहेलियों के साथ गौरी पूजन के लिए वाटिका पहुंचती हैं। इस दौरान वह मन ही मन राम को अपना वर भी चुन लेती हैं। सीता स्वयंवर के मंचन में शिव धनुष टूटने के साथ ही पूरा पंडाल जै श्रीराम के जयघोष से गूंजने लगता है।
बाद में शिव धनुष को टूटा देखकर क्रोधित परशुराम व लक्ष्मण के बीच तीखा संवाद भी दर्शकों को बहुत भाया। आयोजन को सफल बनाने में प्रबंधक विजय कुमार पांडेय, अध्यक्ष पारसनाथ सिंह, निर्देशक हंसराज सिंह आदि ने विशेष योगदान दिया।