अंबेडकरनगर। बाहर लोहे के गेट में बंद ताले के पीछे खून से लथपथ महिला की चीख पुकार ने अकबरपुर नगर के शहजादपुर में स्थानीय लोगों को स्तब्ध कर दिया। पुलिस के पहुंचते ही जब ताला टूटा तो अंदर दो शव पड़ा देख लोगों की चीख निकल गई। थोड़ी ही देर में दोहरे हत्याकांड व महिला के गंभीर रूप से घायल होने के लोमहर्षक कांड की गूंज पूरे जिले में फैल गई।
आमतौर पर शांतिपूर्ण रहने वाले शहजादपुर के सहकारी शीतगृह के निकट स्थित क्षेत्र में सुबह नौ बजे तक सब कुछ सामान्य था। दुकानें एक एक कर खुल रही थीं। चहल पहल समय के साथ बढ़ती जा रही थी। इसी बीच वहां अकबरपुर वाराणसी मुख्य मार्ग के ठीक निकट स्थित गहना कोठी के मालिक कृष्णचंद सोनी के घर से चीख पुकार की आवाज सुन लोग सकते में पड़ गए।
आसपास के लोग दौड़े तो देखा कि कृष्णचंद की पत्नी खून से लथपथ होकर लोहे के मुख्य दरवाजे के पीछे गिरी पड़ी हैं। वे वहीं से आवाज लगा रही थीं। यह दृश्य देख स्थानीय लोगों ने फौरन लगभग सामने स्थित कृष्णचंद के एक भाई के परिजनों को सूचित किया। सभी लोग मौके पर पहुंचे। ताला तोड़ा तो देखा कि अंदर कृष्णचंद व उनके पुत्र आनंद का शव पड़ा है। बाहर गेट से लेकर अगले हिस्से स्थित एक कमरे तथा गलियारे में खून ही खून दिख रहा था।
पुलिस ने इसी बीच वहां पहुंचकर लोगों का प्रवेश रोक दिया। थोड़ी ही देर में भारी भीड़ वहां एकत्र हो गई। पूरे शहर में इस घटना की गूंज ऐसी हुई कि लोग घटनास्थल की तरफ चल पड़े। दिल दहला देने वाली घटना थोड़ी ही देर में सोशल मीडिया पर भी फैल गई। बेटे द्वारा ही घटना को अंजाम देने की बात जिस किसी ने सुनी वह हतप्रभ रह गया। रिश्तों के कत्ल की चर्चा लोग हर तरफ करते दिखे।
जिसे जहां पाया वहां मारा
आरोपी रवि के सिर पर बुधवार को इस तरह खून सवार था कि उसने जिसे जहां पाया वहीं मार दिया। पुलिस के अनुसार कृष्णचंद सोनी का शव घर के अगले हिस्से में स्थित एक कमरे में जमीन पर पड़ा पाया गया। माना जा रहा है कि आवाज सुनकर उन्हें बचाने के लिए बड़ा पुत्र आनंद दौड़ा तो गलियारे में ही पहुंचकर रवि ने उस पर भी लोहे के राॅड से प्रहार कर दिया। आवाज सुनकर पिछले हिस्से में पूजा कर रहीं कृष्णचंद की पत्नी सुनीता आगे बढ़ीं उन पर भी वहीं जानलेवा हमला कर दिया गया। उन्हें मृत समझकर रवि फरार हो गया। बाद में वह वहां से किसी तरह घिसटते हुए मुख्य गेट तक पहुंचीं लेकिन वह भी बाहर से बंद था।